संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पावन गीता भवन में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन दिवस अत्यंत दिव्य, भावपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। पूरे सप्ताह भवन परिसर हरे कृष्ण–हरे राम के संकीर्तन से मंत्रमुग्ध रहा और श्रद्धालुओं ने भक्ति-रस का भरपूर आनंद लिया।
समापन दिवस पर निष्ठावती रुक्मिणी देवी दासी ने भक्तों को भागवत कथा के सार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सात दिन प्रभु की कथा में डूबकर बिताना मनुष्य जीवन की सर्वोच्च उपलब्धि है। श्रीमद्भागवत मन को शुद्ध कर मानव को प्रभु भक्ति, सदाचार और सत्पथ पर अग्रसर करती है।
कथा के दौरान भक्त प्रभु की लीलाओं, चरित्र और उपदेशों में पूरी तरह ध्यानमग्न रहे। संकीर्तन मंडली की ओर से “गोविंद हरि गोपाल”, “हरे कृष्ण हरे राम” सहित अनेक भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने प्रभु नाम-जप कर अपनी आस्था व्यक्त की। समापन अवसर पर अपेक्षा से अधिक संख्या में श्रद्धालु गीता भवन पहुंचे। कथा उपरांत दिव्य महाप्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करते समय भक्तों के चेहरों पर संतोष, श्रद्धा और आनंद की चमक स्पष्ट झलक रही थी।
समारोह में नगर के प्रबुद्धजन सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहरवासियों ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया। प्रमुख रूप से नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग, प्रवीण सरदाना, रजत थरेजा, संकल्प खुराना, सोनू थरेजा, राहुल भगत, योगेश अरोड़ा, वंश अरोड़ा, निखिल थरेजा, कुनाल गम्भीर, सुबोध कक्कड़, सुनील चुग, नवीन गोयल, मानिक कालरा, पिंकू बेहल, भुवन मलिक, चैतन्य गर्ग, कमल शर्मा, गोम्सी गांधी, नीरज मक्कड़, अमित गोगिया, जोनू खुराना आदि श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किय।
22_रुक्मिणी देवी भागवत कथा के सार करते हुए