मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आशा वर्कर। स्वय
कैथल। आशा वर्कर्स यूनियन संबद्ध सीटू की लंबित मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में जिले की समस्त आशा वर्करों ने डीसी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार रविंद्र को और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुषमा ने और मंच संचालन जिला सचिव कविता ने किया। सुषमा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार लगातार आशा वर्कर की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। आशा वर्कर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं लेकिन उनके मानदेय और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर जयप्रकाश शास्त्री और सीटू जिला सचिव नरेश रोहेड़ा ने आशा वर्करों की मांगों को उचित बताया और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की। धरने को रीना खेड़ी, मंजू कुतुब पूरा पूनम प्रवेश अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2025 में घोषित 1,500 रुपये की मानदेय वृद्धि को अभी तक लागू नहीं किया गया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी प्रमुख मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 21 जुलाई को पंचकूला स्थित एनएचएम निदेशक कार्यालय पर प्रदेशभर की आशा वर्कर जोरदार प्रदर्शन करेंगी। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आशा वर्कर। स्वय