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स्थाई कर्मचारी बनाने को गरजीं आशा वर्कर्स

Tue, 20 Dec 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो कैथल
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आशा वर्कर्स ने प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आशा वर्कर्स यूनियन आह्वान पर सोमवार को आशा वर्कर्स ने प्रदर्शन कर सांसद राजकुमार सैनी के नाम ज्ञापन भेजा। वे आशा वर्कर्स को स्थाई कर्मचारी बनाए जाने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रही थीं। प्रदर्शन से पहले आंगनबाड़ी वर्कर्स जवाहर पार्क में एकत्रित हुई। जहां से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंची।
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जिला प्रधान संतोष रानी व जिला सचिव सर्वजीत ने बताया कि उनकी मांगों पर प्रदेश व केंद्र सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। जिस कारण उनमें गहरा रोष व्याप्त है। महंगाई के दौर में भला एक हजार और 15 सौ रुपये में कैसे गुजारा होगा। यदि उनकी मांगें जल्दी पूरी नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगी। जिला प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थाई बनाया जाए एवं पर्याप्त बजट बढ़ोतरी की जाए।

आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग का स्थाई कर्मचारी घोषित किया जाए और तब तक 18000 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। केंद्र सरकार द्वारा 3 जनवरी को जारी किए गये पत्र अनुसार आशा के रेगुलर कामों के लिए 1000 रुपये फिक्स तुरंत दी जाए। सचिव सर्वजीत कौर ने कहा कि सिविल अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर आशाओं के लिए रेस्ट रूम की सुविधा हो, स्वास्थ्य के ढांचे में संस्थागत सुधार किया जाए, पीएचसीसी व एचसी पर महिला एवं बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध करवाए जाएं, सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध करवाई जाएं।
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आशाओं को वर्ष में दो बार ड्रेस व साथ में दो जोड़ी जूते दिए जाएं, एंबुलेंस सेवा समय पर नहीं मिलती, इसे दुरुस्त किया जाए। आशाओं को स्टाफ का दर्जा दिया जाए व सीएचसी व सामान्य अस्पतालों के अंदर आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो। इस अवसर पर उपाध्यक्ष सुदेश कुमारी, कमेटी सदस्य चरणजीत कौर, बाला देवी, सुष्मा कौल, रामदेवी सीवन, रीता राजौंद, सुमन पूंडरी सहित भारी संख्या में वर्कर्स मौजूद थे।
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