संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तो शुरू हो चुकी है, लेकिन नमी की मात्रा अधिक होने के कारण मंगलवार को दूसरे दिन भी गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। मंडियों में अपने खेतों से गेहूं लेकर पहुंचे किसान फसल का पहरा देने के लिए मजबूर हैं। ये किसान पिछले दो दिन से मंडी में लाई गई गेहूं की ढेरियों की फसल को सुखाने के लिए मजबूर हैं।
सोमवार को नई अनाज मंडी में चार ढेरियां गेहूं की फसल की पहुंची थी, लेकिन नमी की मात्रा अधिक थी। ऐसे में सरकारी खरीद नहीं हो पाई। अब मंगलवार को भी दोनों मंडियों में 10 से अधिक ढेरियां पहुंची, लेकिन इनमें भी नमी की मात्रा अधिक थी। सरकारी खरीद करने वाले एजेंसियों की ओर से इस ढेरी की जांच की गई तो इसमें 15 प्रतिशत तक नमी मिली। सरकार के नियमानुसार नमी की मात्रा 12 प्रतिशत तक की होनी चाहिए। ऐसे यहां फसल लेकर पहुंचे किसानों का कहना है कि इस बार सरकार ने गेहूं की फसल की सरकारी खरीद प्रक्रिया को एक अप्रैल से ही शुरू कर दिया था परंतु अभी तो केवल एक दिन पहले ही खेतों में गेहूं की फसल की कटाई शुरू हुई है। सरकार को नमी की मात्रा में थोड़ी राहत देनी चाहिए, ताकि उन्हें मंडियों में फसल की रखवाली न करनी पड़े।
किसान अर्जुन, सुरेश और संदीप ने बताया कि वह मंगलवार को नई अनाज मंडी में गेहूं की फसल को लेकर पहुंचे थे। परंतु खरीद एजेंसियों की ओर से फसल में नमी की मात्रा 15 प्रतिशत से अधिक बता दी। इसलिए उनकी ओर से लाई गई फसल की सरकारी खरीद नहीं हो पाई है। सरकार को अपने नियमों के कुछ बदलाव जरूर करना चाहिए, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिले।
नई व अतिरिक्त अनाज मंडी में गेहूं की आवक सोमवार को ही शुरू हो गई थी। इसके बाद मंगलवार को भी दोनों अनाज मंडियों में गेहूं की कुछ ढेरियां पहुंची। इन ढेरियों की नमी की मात्रा अधिक है। इस कारण सरकारी एजेंसियों की ओर से अभी तक गेहूं की सरकारी खरीद को शुरू नहीं किया है। जैसे ही फसल सूख जाएगी तो इसे नियमानुसार सरकारी खरीद प्रक्रिया के तहत खरीद लिया जाएगा। -बसाऊ राम, सचिव, मार्केट कमेटी, कैथल।