ढांड। अनाज मंडी में गेहूं खरीद को लेकर व्यवस्थाएं चरमराई हुई नजर आईं। न तो बारदाना उपलब्ध है, न गेट पास काटने वाले कर्मचारी मौजूद हैं और न ही खरीद एजेंसियां सक्रिय हैं। ऐसे में मंडी की व्यवस्थाओं पर आढ़तियों में भारी रोष है। कृषि मंत्री के दौरे में उनसे बारदाना संकट के बारे में बताया गया।
सोमवार को आढ़तियों को उम्मीद थी कि कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के दौरे से उनकी समस्याओं का समाधान होगा। मंत्री के मंडी पहुंचने पर आढ़तियों ने गेहूं खरीद के लिए बारदाना उपलब्ध कराने की मांग उठाई, ताकि किसान अपनी फसल आसानी से बेच सकें। हालांकि आढ़तियों के अनुसार, मंत्री ने बारदाना उपलब्ध कराने के मुद्दे पर स्पष्ट आश्वासन देने से परहेज किया और कहा कि सरकार बारदाने पर होने वाले अधिक खर्च को कम करना चाहती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, बारदाना बचाया जाए और साइलो प्रणाली के माध्यम से सीधे गेहूं की खरीद की जाए। इसके बावजूद पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर के आग्रह पर मंत्री ने बारदाना उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अब यह देखना होगा कि इस दिशा में कितना ठोस कदम उठाया जाता है।
इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष ने मार्केट कमेटी परिसर में किसान रेस्ट हाउस बनाने की मांग भी उठाई, जिस पर मंत्री ने सहमति जताई। उधर, अनाज मंडी एसोसिएशन ने कृषि मंत्री को मांग पत्र सौंपकर साइलो में आढ़तियों को पूरी आढ़त दिलाने और मंडी में बारदाना उपलब्ध कराने की मांग की। संवाद