कैथल। आढ़तियों की हड़ताल के कारण अनाज मंडी में खरीद न होने के विरोध में शनिवार को किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों व आढ़तियों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। सूचना पर पहुंचे कैथल मार्केट कमेटी के सचिव सतवीर राबिश ने किसानों को समझाया लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद मौके पर एसडीएम संजय कुमार भी पहुंचे। उन्होंने आढ़तियों ने धान खरीद करने का आग्रह किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद राइस मिलरों को बुलाया गया लेकिन धान गीली होने के कारण मिलरों ने खरीद नहीं की। हालांकि रविवार से धान खरीद की बात कही।
अनाज मंडी में सुबह के समय धान लेकर पहुंचे किसानों ने श्री लक्ष्मी रहेी नारायण मंदिर में बैठक की। इसमें आढ़ती भी पहुंचे थे। जब किसानों ने आढ़तियों से खरीद शुरू करने के लिए आग्रह किया तो उनसे तकरार हो गई। किसानों का कहना था कि लगातार हो रही बारिश से धान की फसल खराब हो रही है। वहीं आढ़तियों का कहना था कि वे राज्य कार्यकारिणी के आदेशों के तहत ही हड़ताल खोलने पर फैसला लेंगे। इसके बाद यहां पर किसानों को समझाने के लिए मार्केट कमेटी सतबीर राविश पहुंचे, लेकिन किसानों ने उनकी एक न मानी। जानकारी मिलने पर मौके पर एसडीएम संजय कुमार पहुंचे तो किसानों ने उनसे खरीद शुरू करवाने की मांग की।
किसानों का कहना था कि केवल मंडियों में आए धान की ढेरियां खरीद ली जाएं। इससे उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा। परेशानी सुनने के बाद एसडीएम ने पहले तो आढ़ती एसोसिएशन के तीनों प्रधान से मुलाकात कर खरीद शुरू करने को कहा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद एसडीएम ने धान की खरीद के लिए सीधे राइस मिलरों को बुला लिया। उनके पहुंचने के बाद बोली शुरू की गई लेकिन धान गीला होने के कारण बात नहीं बन पाई। अब राइस मिलरों ने रविवार से धान खरीद की बात कही है।
किसान नेता सतपाल ढिल्लोवाली ने कहा कि जब वे खरीद शुरू करवाने के लिए मंडी में पहुंचे तो खरीद शुरू नहीं हो रही थी। इसके बाद एसडीएम को फोन किया गया वेे तुरंत उनकी बात को मानते हुए मंडी में पहुंचे। दूसरी ओर राइस मिलर एसोसिएशन के प्रधान सचिन मित्तल ने बताया कि जिला प्रशासन के आग्रह पर मंडी में धान की खरीद के लिए बोली शुरू की थी, लेकिन धान ज्यादा गीला था, जिस कारण खरीद नहीं की गई। अब रविवार को खरीद का कार्य शुरू करेंगे। जब इस संबंध में नई अनाज मंडी कैथल के चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि किसान धान को कहीं भी बेचे, उन्हें एतराज नहीं है लेकिन तब तक हड़ताल जारी रहेगी तब तक हम धान की खरीद नहीं करेेंगे। इसी क्रम में अनाज मंडी एसोसिएशन के जिला प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। ऐसे में उनकी हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। ई-नेम पोर्टल प्रणाली पर सरकार के फैसला लेने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
धान कटाई का कार्य हो रहा प्रभावित
किसानों ने बताया कि बारिश व हड़ताल के कारण खेतों में भी धान कटाई का कार्य प्रभावित हुआ है। जो धान मंडियों में आया हुआ है, उसे भी नहीं खरीदा गया है। इस स्थिति में किसान धान कहां लेकर जाए। मंडियों में खुले आसमान के नीचे धान के ढेर लगे हैं। वहीं, मजदूर भी हड़ताल के चलते खाली बैठे हैं। मजदूर जोगी राम, शमशेर व मदन ने बताया कि हड़ताल होने के कारण रोजाना खाली बैठकर वापस लौट रहे हैं।