03 कैथल। सब्जी मंडी में छठ पर्व की खरीदारी करने पहुंची पूर्वांचल समाज की महिलाएं
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कैथल। नहाय-खाय के साथ शुक्रवार से छठ पर्व की शुरुआत हुई और शनिवार को खरना पूजन के दौरान महिलाओं ने अरवा चावल और गुड़ से खीर बनाई। शाम को खरना के प्रसाद को ग्रहण किया। पहले दिन महिलाओं ने सुबह के समय सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के बाद तीन दिन तक लगातार रखे जाने वाले व्रत की शुरुआत की थी। शनिवार से महिलाओं का दो दिवसीय निर्जला व्रत शुरू हुआ। उधर, नई सब्जी मंडी में बाजार में खरीदारों की भीड़ दिखी।
मंच के प्रधान जय किशन ने बताया कि छठ पर्व को लेकर पूर्वांचल समाज के लोगों में काफी उत्साह है। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह से प्रसाद बनना शुरू हो जाएगा और शाम के समय महिलाएं अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसके बाद सोमवार को सुबह सूर्य को अर्घ्य देकर महाव्रत समापन होगा।
पूर्वांचल जन विकास मंच की ओर से बाबा शीतलपुरी के घाट पर सातवां छठ का पर्व मनाया जा रहा है। नगर परिषद के सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण समिति के सदस्यों ने स्वयं ही शीतलपुरी घाट पर सफाई करवाई है। रविवार शाम के समय घाट के पास ही छठ माता का जागरण आयोजित किया जाएगा। इसमें बिहार से भोजपुरी गायक छठ माता का जागरण करेंगे।
नाक से मांग तक सिंदूर लगाती हैं महिलाएं
छठ व्रत के दौरान व्रती महिलाएं नाक से लेकर मांग तक नारंगी रंग सिंदूर लगाती हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से पति की उम्र लंबी होती है। यह भी मान्यता है कि यह सिंदूर जितना लंबा होगी, पति की उम्र उतनी ही लंबी होगी। कहा जाता है कि नाक से मांग तक का लंबा सिंदूर पति के लिए शुभ और कल्याणकारी होता है। लंबा सिंदूर घर-परिवार के लिए सुख और संपन्नता का प्रतीक भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नारंगी रंग बजरंगबली का शुभ रंग है। यही वजह है कि छठ व्रती नारंगी रंग का सिंदूर नाक से मांग तक लगाती हैं।