संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिसंबर का पहला सप्ताह प्रदूषण से जूझ रहे क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। शुक्रवार को दिनभर चली 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा ने वायुमंडल में जमा प्रदूषण को छांट दिया, जिससे एक्यूआई 367 से गिरकर 149 पर आ गया। हवा के सामान्य होते ही लोगों को सांस लेने में सुगमता महसूस होने लगी और वातावरण साफ दिखाई देने लगा।
पिछले एक महीने से लगातार बिगड़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स ने लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर डाला था। जिले की हवा कई दिनों से सुधरी हुई है, जिसका असर जिला नागरिक अस्पताल में भी देखा गया। यहां सांस, दमा और अस्थमा से जुड़े मरीजों की ओपीडी में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पहले जहां रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 70-80 रह गई है। प्रदूषण में कमी आने से फेफड़े और हृदय रोगियों को भी राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों ने 8 और 9 दिसंबर को बारिश की संभावना जताई है, जिससे वायु गुणवत्ता में और सुधार हो सकता है।
पिछले चार दिनों से हवा की रफ्तार बढ़ने और सूर्य की तेज धूप ने भी प्रदूषण को कम करने में अहम भूमिका निभाई। शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप और चलती हवा ने वातावरण को सामान्य बनाने में मदद की। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि सांस संबंधी मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज हुई है।
उन्होंने अपील की कि मौसम बदल रहा है, ऐसे में लोग अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहें और आवश्यक सावधानी बरतें।
एक्यूआई की श्रेणियां और स्वास्थ्य पर प्रभाव
0–50 : अच्छी — स्वास्थ्य पर लगभग कोई असर नहीं।
51–100 : संतोषजनक — संवेदनशील लोगों को हल्की तकलीफ।
101–200 : मध्यम — फेफड़े, अस्थमा और हृदय रोगियों को समस्या बढ़ सकती है।
201–300 : खराब — लंबे समय तक संपर्क में रहने वालों को सांस लेने में परेशानी।
301–400 : बेहद खराब — लगातार संपर्क में रहने पर सांस संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
401–500 : गंभीर — स्वस्थ व्यक्तियों को भी गंभीर प्रभाव, बीमार लोगों के लिए अत्यधिक खतरनाक।