संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। करीब 12 दिन पहले ही जमीन की निशानदेही की एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बैंक को आरोपियों के खाते खंगालने की अनुमति के लिए पत्र दिया था लेकिन अभी तक बैंक प्रबंधन से आरोपियों के बैंक खाते खंगालने की स्वीकृति नहीं मिली है। हालांकि आरोपियों की कॉल डिटेल का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
एसीबी कैथल के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों से रुपयों की रिकवरी को लेकर कई ठिकानों पर अब तक दबिश दी थी। इस मामले में एसीबी की जांच लगातार जारी है। अभी तक बैंक प्रबंधन की ओर से पत्र का जवाब नहीं दिया है। उम्मीद है कि आरोपियों के खाते खंगालने के लिए बैंकों से सोमवार तक अनुमति मिल जाएगी। तब जांच आगे बढ़ेगी।
यह है मामला
गत 26 नवंबर को एसीबी कैथल ने निशानदेही की एवज में पंचकूला में भूमि अधिग्रहण विभाग के कानूनगो कर्मबीर को पांच लाख रुपये की रिश्वत सहित रंगेहाथों काबू किया था। जबकि एक अन्य आरोपी दलाल चरण सिंह को भी गिरफ्तार किया था। अभी ये दोनों आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। एसीबी टीम ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
इस संबंध में राजकुमार ने एसीबी को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने सेक्टर 18 में जमीन खरीदने का इकरार नामा किया हुआ है।
उसके पास मालिक की ओर से दी गई पावर ऑफ अटोरिनी भी है। इसे लेकर उसने जमीन की निशानदेही को लेकर पंचकूला के भूमि अधिग्रहण विभाग विभाग के कानूनगो कर्मवीर से बातचीत की। शुरुआती दौर में आरोपी कानूनगो कर्मवीर ने इसके लिए शिकायतकर्ता से 30 लाख की रिश्वत की मांग की।
इस पर उन्होंने 20 लाख की राशि दे दी। बाद में आरोपी ने निशानदेही के लिए पांच लाख रुपये की देने की मांग की। आरोपी कानूनगो कर्मवीर व दलाल चरण सिंह ने भूमि की निशानदेही करने के बाद दस्तावेजों से पूर्व पांच लाख की राशि देने के बारे में कहा। इसके बाद एसीबी ने आरोपी कर्मबीर को पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ दबोच लिया।