संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मौलिक शिक्षा विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत प्री नर्सरी से पहली कक्षा में मुफ्त दाखिला करवाने के लिए 15 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया है। 18 अप्रैल को निर्धारित आवेदनों की संख्या से ज्यादा आने पर दाखिले का पहला लकी ड्रॉ निकाला जाएगा।
गौरतलब है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक 6 से 14 वर्ष की आयु तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। यह अधिनियम एक अप्रैल 2010 को लागू किया गया था। इसके तहत सभी निजी स्कूल के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग बच्चों को 25 प्रतिशत के आरक्षित करना आवश्यक है।
देश के प्रत्येक राज्य में प्रत्येक वर्ष आरटीई प्रवेश के तहत 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश दिया जाता है, ताकि प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और शिक्षा मिल सके। पहले ड्रॉ में शामिल बच्चों के 22 अप्रैल तक दाखिले होंगे। वहीं पहले ड्रॉ में शामिल बच्चों के दाखिले न होने पर खाली सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया 23 से 29 अप्रैल तक पूरी की जाएगी।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर नर्सरी से पहली कक्षा तक के विद्यार्थियों को कक्षावार 25 फीसदी सीटों पर मुफ्त दाखिले का प्रावधान किया गया है। 1.80 लाख रुपये से कम सालाना आमदनी वाले परिवारों के बच्चों को इन सीटों पर आवेदन का अधिकार है। इस श्रेणी में आने वाले अभिभावक अपने बच्चों के मुफ्त दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत अभिभावक उसी स्कूल में आवेदन कर सकते है, जिनकी घर से दूरी एक किलोमीटर है। आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए परिवार की सालाना आमदनी एक लाख 80 हजार से कम का प्रमाणपत्र, परिवार पहचान पत्र, बीपीएल कार्ड है तो उसकी कॉपी, बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और फोटो एवं परिजनों का फोन नंबर अनिवार्य है।
आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। पात्र अभिभावक 15 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं, इसके पश्चात 18 अप्रैल को पहला ड्रॉ निकाला जाएगा। -विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी कैथल।