संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश सरकार की ओर से पिछले लंबे समय से आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन सहित अन्य इलाज की राशि न देने से निजी अस्पताल संचालकों में रोष है। भुगतान न होने से नाराज निजी अस्पताल संचालकों ने एक जुलाई यानि सोमवार से आयुष्मान योजना के पैनल पर मौजूद निजी अस्पताल योजना के तहत ऑपरेशन सहित अन्य इलाज पूरी तरह से बंद कर देने का एलान किया है।
गौरतलब है कि इस समय जिले में आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों का 16 करोड़ रुपये बकाया है। इसी के विरोध स्वरूप यह निजी अस्पताल संचालक सोमवार से आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन बंद कर देंगे। यह फैसला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर जिला कार्यकारिणी ने लिया है। आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद होने को लेकर आईएमए के जिला प्रधान बीबी मक्कड़ ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि पिछले लंबे समय से आयुष्मान योजना के तहत जिले के 12 अस्पताल पैनल पर हैं। इन अस्पतालों में मरीजों का इलाज होता है। इसमें करीब 16 करोड़ रुपये की राशि छह माह से अटकी हुई है। इस राशि का भुगतान संबंधित विभाग की ओर से पिछले करीब छह महीने से नहीं किया गया है। इस बारे में सरकार व स्वास्थ्य विभाग को कई बार पत्राचार के माध्यम से अवगत करवाया गया है, लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। यदि सरकार ने राशि के भुगतान को लेकर जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया तो आईएमए प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। दूसरी तरफ आईएमए के इस फैसले से लोगों की चिंता बढ़ रही है। एक जुलाई से सरकार की आयुष्मान योजना के तहत लाभ मिलना बंद होगा।
जिले में आयुष्मान योजना के हैं इतने लाभार्थी ः उल्लेखनीय है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख 67 हजार 855 कार्ड बने हुए हैं।
ये कार्ड आयुष्मान योजना के तहत आयुष्मान और चिरायु के तहत है। इतने लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं सरकार की निशुल्क ऑपरेशन की सुविधा के तहत ले सकते हैं।
जिले में ये अस्पताल हैं आयुष्मान योजना के पैनल पर
n
शाह मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल
n
जयपुर अस्पताल
n
जयप्रकाश अस्पताल
n
जैन अस्पताल
n
कंसल अस्पताल
n
बालाजी अस्पताल
n
जनता अस्पताल
n मित्तल अस्पताल
n
देव नर्सिंग होम
n
जिंदल हड्डियों का अस्पताल
n
आशीर्वाद अस्पताल
n
ओम अस्पताल पूंडरी
n
कीर्ति अस्पताल
n
सूद अस्पताल
n
गुप्ता आई अस्पताल
n
लाइफ केयर अस्पताल