गुहला-चीका। गुरुद्वारा छठी व नौवीं पातशाही में मंगलवार को हुई भारतीय किसान यूनियन की बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। भूमि बैंक योजना के खिलाफ किसानों ने प्रदेश स्तर पर मोर्चा खोलने की बात कही। भाकियू प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि लैंड बैंक प्लानिंग के तहत सरकार कृषि क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को उतारेगी। 25 जुलाई को प्रदेश में तहसील स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। इसके बाद 25 अगस्त को पिपली अनाज मंडी में किसानों की रैली होगी। वहां सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाया जाएगा।
चढूनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुश्तरका मालिकाना जमीनों को लेकर जो फैसला आया है, वह किसानों के खिलाफ है। प्रदेश में किसानों के खातों से छूटी जमीन लाखों एकड़ में है। हर गांव में कई एकड़ जमीन खाली है, जो सरकार को जा रही है। 60 वर्ष से अधिक समय से इस जमीन पर किसान खेती कर रहे हैं। दो वर्षों से सरकार भूमि बैंक बना रही है। ऐसी आशंका है कि सरकार किसानों की इन जमीनों को लेकर बड़ी कंपनियों को लीज पर देने की फिराक में हैं। सरकार की तरफ से मुहैया करवाई जा रही जमीन से कंपनियां खेती के धंधे में प्रवेश करना चाहती हैं। यदि सरकार अपनी मंशा में कामयाब हो गई तो फिर प्रदेश में केवल पांच से 10 एकड़ जमीन वाले किसान ही देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गैर मलकीयत जमीनों को अपने अधीन लेने के लिए लैंड बैंक के जरिये कार्रवाई तेज कर दी है। गांव में मुश्तरका खाता, पट्टी खाता जैसी करीब आठ तरह की ऐसी भूमि है जिसका मालिकाना हक किसी के पास नहीं। सरकार ने ऐसी जमीन अपने अधीन लेने के प्रयास शुरू किए हैं। ऐसी भूमि का अधिग्रहण करने आने वाले अधिकारियों का किसान डटकर विरोध करें। उन्होंने आरोप लगाया कि रद किए गए तीनों कृषि कानूनों को पिछले दरवाजे से दोबारा से लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सबसे पहले मंडिया खत्म होंगी और अनाज को सीधा कंपनियों के गोदामों में भेजा जाएगा।
इस मौके पर भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष भागल, जिला उपाध्यक्ष केवल सिंह सदरहेड़ी, जरनैल सिंह जैली, साहब सिंह संधू, गुरपाल गगड़पुर, पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह, जोगिंद्र सिंह, मलकीत सिंह दाबा, गुरबचन सिंह हरिगढ़ किंगन, महावीर सिंह नरड़, रतन भागल, जसपाल सिंह उर्फ पाली, गुरजंट टटियाना, किंदर ठेकेदार व संदीप संधू मौजूद रहे।