फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रश्न पत्र आये नहीं और बैठा दिया परीक्षा देने

Thu, 16 Feb 2017 12:26 AM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते परीक्षार्थी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
यह सरकारी तंत्र का बेरोजगारों की बेरोजगारी के साथ भद्दा मजाक था कि एएनएम की ठेके पर होने वाली भर्ती की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को 5 से 6 घंटे तक लंबा इंतजार करना पड़ा। जिस कारण परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों ने जमकर बवाल काटा। करीब पांच घंटे के लंबे इंतजार के बाद तीन बजे परीक्षा हुई और 20 मिनट में परीक्षा देकर परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग द्वारा 12 एएनएम की कांट्रैक्ट आधार पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था। जिसके लिए बुधवार की सुबह 10 बजे परीक्षा का समय निर्धारित किया गया था। परीक्षा के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब सहित दूर-दूर से परीक्षार्थी महिलाएं व युवतियां अपने अभिभावकों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गईं। कई तो सुबह 8 बजे ही पहुंच गई थीं। उन्हें रोल नंबर देकर सीटिंग प्लान के अनुसार सुबह 10 बजे बैठा दिया गया। लेकिन करीब 11 बजकर 30 मिनट पर जानकारी दी गई कि प्रश्नपत्र चंडीगढ़ से आना है। इसलिए परीक्षा एक घंटे बाद होगी। लंबे इंतजार के बाद भी जब परीक्षा शुरू नहीं हुई तो परीक्षार्थियों ने रोष प्रकट करना शुरू कर दिया। परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों ने सीएमओ कार्यालय का घेराव कर जमकर रोष जताया। जिस पर सीएमओ ने कहा कि चंडीगढ़ से जैसे ही प्रश्न पत्र आ जाएगा उसी अनुसार परीक्षा ली जाएगी। इस तरह इंतजार करते-करते करीब 3 बजे परीक्षा हुई और 20 मिनट में परीक्षा देकर परीक्षार्थियों व उनके साथ आए लोगों ने राहत की सांस ली।

पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं
परीक्षार्थी संगीता ने बताया कि वह सुबह 9 बजे आई थी। अब 12 बज गए लेकिन पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह ऋतु, माध्वी व सोनिया ने कहा कि यह बेरोजगारों के साथ मजाक नहीं तो और क्या है। परीक्षा ले रहे हैं तो प्रश्न पत्र पहले से ही तैयार होना चाहिए था।
विज्ञापन


प्रश्नपत्र लीक होने की उड़ी रही अफवाह
वहीं मौके पर प्रश्नपत्र लीक होने की भी अफवाह उड़ी रही। कई परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों ने बताया कि चूंकि सुबह होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था, इसलिए उस प्रश्न पत्र को नहीं दिया गया। लोगों में यह अफवाह थी कि 50 हजार रुपये में प्रश्नपत्र बिक गया था। विभाग ने पारदर्शिता के लिए दूसरा प्रश्नपत्र मंगवाया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने प्रश्न पत्र के लीक होने की बात से इंकार कर दिया।

छोटे बच्चों क साथ भटकती रहीं परीक्षार्थी
परीक्षा देने के लिए आई कई परीक्षार्थी अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर आई थीं। इस तरह से उन्हें सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक बच्चों के साथ इधर-उधर भटकना पड़ा। वहीं उनके अभिभावक भी स्वास्थ्य विभाग को कोसते नजर आए।

विभाग द्वारा ली जानी वाली परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र चंडीगढ़ से आना था। वहां से प्रश्नपत्र लेकर आने वाले कर्मचारी लेट हो गए। इसलिए परीक्षा करवाने में देरी हुई। आला अधिकारियों सहित डीसी महोदय को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है। पीने के पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं करवा दी गई थीं। प्रश्नपत्र लीक जैसी कोई बात नहीं। लीक तो तब होता, जब प्रश्नपत्र पहले मिल जाता। यह चंडीगढ़ से आया ही देरी से और सीटीएम की मौजूदगी में इसे खुलवाकर बंटवाया गया है।
विज्ञापन

डा. मनीष बंसल, सीएमओ, कैथल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें