संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। आढ़ती एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर पाई अनाज मंडी के आढ़तियों ने अपनी उपेक्षा पर बैठक कर भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए उसकी नीतियों को कोसा। साथ कहा कि आढ़तियों की आढ़त पहले की बजाय कम हुई है, जो आढ़तियों के साथ सरासर अन्याय है। इस पर सभी ने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के बहिष्कार का निर्णय लिया।
मंडी प्रधान कृष्ण ढुल ने बताया कि यह निर्णय मंडी के अन्य आढ़तियों से विचार विमर्श करके लिया है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए बताया कि भाजपा सरकार के दौरान आढ़तियों की आढ़त पहले की बजाय कम हुई है, जो आढ़तियों के साथ सरासर अन्याय है।
मंडियों से गेहूं की फसल खरीद करने के बावजूद खरीद एजेंसियां उसका लदान तय सीमा की बजाय कई दिनों के बाद करती है। जिसके कारण खरीद किए गए गेहूं में कमी आती है, उस कमी के दाम भी आढ़त से काटे जाते है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के आढ़ती व किसान सरकार के पोर्टलों से से परेशान है और फसल बेचने में दिक्कत आ रही है। सरकार द्वारा किसानों से बिना पूछे फसल की अदायगी भी किसानों के खाते में करनी शुरू कर दी है, जो गलत है।
आढ़तियों ने यह मांग कई बार सरकार को अवगत करवा दी है, लेकिन भाजपा सरकार समस्या का हल करने की बजाय आढ़तियों को परेशान कर रही है। तभी यह विरोध करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने चुनाव में खड़े होने वाले अन्य नेताओं से भी अपील की है कि वे मंडियों में वोट मांगने न आएं।