संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। भारतीय संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक रविवार को किसान भवन पूंडरी में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान मांगे राम सिकंदरखेड़ी ने की। बैठक में आसपास के गांवों के कई किसानों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बैठक में प्रदेश महासचिव भूराराम पबनावा और कार्यकारी अध्यक्ष बलवान सिंह पाई मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जबकि संचालन बलबीर सिंह हाबड़ी व हरपाल सिंह ने किया। भूराराम पबनावा ने कहा कि किसानों को धान खरीद के दौरान व्यापारियों व कुछ तंत्र की मिलीभगत से अनुचित कटौती व कमीशन के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इसके अलावा डीएपी और अन्य खाद की गुणवत्ता व समय पर आपूर्ति भी संतोषजनक नहीं रही, जिससे खेतों की उत्पादकता प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से इन मामलों में तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा, जिसमें धरना-प्रदर्शन और अन्य विरोध कार्यक्रम शामिल होंगे।
बैठक में आसपास के दर्जनों गांवों के किसान उपस्थित रहे, जिनमें होशियार सिंह गिल, राजेश पूंडरी, जय सिंह ट्यौंठा, बिजेंद्र पाई, मांगतराम पाई, जगदीश पाई, पालाराम संगरौली, राजकुमार पिलनी, धर्म सिंह पूंडरी और सुभाष पिलनी सहित कई किसान शामिल थे।
उठाई गई प्रमुख मांगें
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धान खरीद में प्रति क्विंटल 400 रुपये तक की कटौती और कमीशन की निष्पक्ष जांच कर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
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डीएपी व अन्य उर्वरकों की गुणवत्ता और आपूर्ति की सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।
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खराब हुई फसल का तत्काल मुआवजा दिया जाए।
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सर्दियों में खेतों व घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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खाद के साथ किसी भी हानिकारक दवा का मिलावटी उपयोग रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।