संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा, युवा प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य और पूर्व मंडी प्रधान नरेश सहारण के नेतृत्व में अनाज मंडी के आढ़तियों और किसानों ने हैफेड खरीद एजेंसी के कार्यालय के बाहर सोमवार को नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि जानबूझकर किसानों के गेहूं भुगतान में देरी की जा रही है।
किसान नेताओं ने कहा कि गेहूं खरीद के 23 दिन बीत जाने के बावजूद किसानों के खातों में भुगतान नहीं किया गया है, जबकि सरकार 72 घंटे के भीतर भुगतान का दावा करती है। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय करार देते हुए तत्काल भुगतान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जब किसान नेताओं और आढ़तियों ने हैफेड मैनेजर नवीन से भुगतान में देरी का कारण पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि मैनेजर ने जिम्मेदारी उच्च अधिकारियों पर डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना कार्य पूरा कर दिया है और भुगतान की जिम्मेदारी ऊपर स्तर पर है। इस जवाब से आक्रोशित किसानों ने कार्यालय पर ताला जड़कर धरना देने की चेतावनी दी।
हालांकि, मैनेजर ने मंगलवार तक भुगतान करवाने का आश्वासन देने के बाद किसानों ने फिलहाल उन्हें मोहलत दी है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय तक भुगतान नहीं हुआ, तो बुधवार को कार्यालय पर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
हैफेड मैनेजर नवीन ने बताया कि एजेंसी की ओर से लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। अदाणी साइलो में गेहूं सीधे ट्रॉलियों से खाली करवाया गया है, लेकिन भुगतान के लिए जब एफसीआई पोर्टल पर ऑनलाइन प्रक्रिया की जाती है, तो बार-बार बैग का विकल्प सामने आता है। इस तकनीकी समस्या को लेकर एफसीआई से लगातार संपर्क किया जा रहा है, जिसके कारण भुगतान में देरी हो रही है।
हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन, पूंडरी के मैनेजर राजेश ग्रेवाल ने बताया कि अदाणी साइलो में बल्क और बैग सिस्टम को लेकर तकनीकी अड़चन आ रही थी, जिसे दूर करने में समय लगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को 111 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एक-दो दिन में यह राशि किसानों के खातों में पहुंचने की उम्मीद है।