संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। चीका मंडी में धान की सरकारी खरीद ना होने से गुस्साए किसानों ने बुधवार सुबह मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट के सामने धरना देकर जमकर नारेबाजी की। जब काफी देर तक किसानों की सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने नई अनाज मंडी के गेट को ताला लगा चीका-कैथल रोड पर जमा लगा प्रदर्शन शुरू कर दिया। चार घंटे तक जाम रहने से राहगीरों को भारी परेशानियां उठानी पड़ी।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भाकियू शहीद भगत सिंह के जिलाध्यक्ष जगदेव पुनिया बदसुई, संदीप संधू पीडल, अमर सिंह चीका, गुरमेल चीका, नरेश भागल ने कहा कि सरकार की नाकामी के चलते मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही है। उन्होंने राइस मिलरों पर भी आरोप लगाया कि एक तरफ तो राइस मिलर हड़ताल का नाटक कर रहे हैं। दूसरी तरफ चोरी छिपे सस्ते दामों में किसानों का धान खरीद रहे हैं।
नाराज किसानों ने कहा कि धान का समर्थन मूल्य 2320 रुपए है जबकि मिलर 1700 से 1800 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीद रहे हैं। किसानों ने कहा कि मिलर धान के साथ किसानों से पंजीकरण की भी मांग करते हैं ताकि सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ वे स्वयं ले सकें। किसान हरमेल दिवाना, राज दिवाना, लवली बलबेहड़ा ने कहा कि वे एक सप्ताह पहले धान लेकर मंडी में आए थे। धान में नमी की मात्रा सरकारी मापदंडों के अनुसार होने के बावजूद सरकारी एजेंसियां धान नहीं खरीद रही।
मंडी में तालाबंदी की सूचना पर एसडीएम कृष्ण कुमार पहुंचे बात की। एसडीएम ने किसानों को बताया कि सरकार की राइस मिलरों के साथ बातचीत चल रही है और जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाए। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसान जाम खोलने के लिए राजी हुए। प्रदर्शन में गीता सुल्तानियां, बलराज भागल, संदीप भागल, धर्मवीर भागल, मुखत्यार भागल, सरदारा चीका, सतनाम चाणचक आदि किसान मौजूद रहे।