कैथल। सरकार की धमकियों के विरोध में मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला प्रधान सुषमा जड़ौला ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को धमकी भरे पत्र भेज रही है। सरकार ऐसे बयान देकर और विभाग में काम करने वालों को धमका कर प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्रों को खुली छूट दे रही है और सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को बर्बाद कर रही है।
जडौला ने कहा कि पूरे प्रदेश में किसी पीएचसी पर महिला रोग विशेषज्ञ बाल रोग विशेषज्ञ और पीएचसी पर डिलीवरी होने के समय अगर कोई इमरजेंसी होती है तो उसे इमरजेंसी को संभालने के लिए महिला डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं है। गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए केवल महीने में एक दिन कैंप लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है। संवाद