संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। उपमंडल के गांव चाणचक में एक माह पहले पेयजल के पाइप टूट गए थे। पाइपों के टूटने से गलियों के बीच गड्डे बन गए हैं। और इनमें हर समय जल जमाव रहता है। बार-बार शिकायतों के बावजूद विभाग ने टूटे पाइपों को ठीक नहीं किया। इससे नाराज ग्रामीणों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बीडीपीओ कार्यालय के सामने धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढों में भरा गंदा पानी बाद में पाइपों के माध्यम से कई घरों तक पहंुच रहा है। इस गंदे पानी को पीकर कई ग्रामीण बीमार तक हो गए हैं।
धरने की अगुवाई कर रही चरणजीत कौर ने बताया कि गांव में टूट पाइपों की मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने 27 जून को बीडीपीओ कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 13 दिनों तक जब पाइप लाइन को ठीक नहीं किया गया तो 10 जुलाई को गांव वासियों ने फिर से डीसी कैथल व बीडीपीओ कार्यालय चीका में लिखित शिकायत दी। चरणजीत कौर ने बताया कि दूसरी शिकायत को भी दो सप्ताह का समय बीत गया लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली तो उन्हें धरना देने को मजबूर होना पड़ा है।
बताया कि पाइप लाइन टूटने से पानी गलियों व नालियों में बहता रहता है जिसके चलते अधिकतर घरों तक पीने का पानी नहीं पहुंचता और जिन घरों में पानी आता है वह गंदा व बदबूदार होता है और पीने लायक नहीं होता।
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर वे जब भी सरपंच को फोन करते हैं तो वह फोन रिसीव नहीं करता। प्रदर्शन में भगवान सिंह, दर्शन सिंह, रामकरण, जरनैल सिंह, बलदेव सिंह, वीर सिंह, हरदीप सिंह, गुगली देवी, शिमला देवी, सुच्चा सिंह व रिंकू भी मौजूद रहे।