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Kaithal News: पुलिस के खिलाफ फूटा गुस्सा

Tue, 14 Apr 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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दहेज हत्या के मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर मायके पक्ष के लोग पिहोवा चौक पर प्रदर्शन करते - फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। कुचराना कलां गांव निवासी मंजीत की दहेज हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से सोमवार को आक्रोशित परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।मायके पक्ष के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए पिहोवा चौक से लघु सचिवालय तक करीब एक किलोमीटर पैदल मार्च किया और मुख्य गेट पर धरना देकर बैठ गए।

धरने के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) के मौके पर न पहुंचने से नाराज मृतका के पिता ने सचिवालय परिसर में एक पेड़ पर चढ़कर पगड़ी का फंदा बनाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों और लोगों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर नीचे उतारा।
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प्रदर्शनकारी करीब ढाई घंटे तक सचिवालय गेट पर डटे रहे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान एसपी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि एसपी स्वयं आकर उनका ज्ञापन लें। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही डीएसपी गुरविंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन उनकी बात से संतुष्ट नहीं हुए और ज्ञापन देने से इन्कार कर दिया।

करीब ढाई घंटे बाद एसपी मनप्रीत सिंह स्वयं लघु सचिवालय पहुंचे और परिजनों से ज्ञापन लिया। इसके बाद पांच से सात प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए अपने कार्यालय में बुलाया और मामले में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

6 मार्च को हुई थी घटना : मृतका के भाई सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि 6 मार्च को सुबह करीब नौ बजे उसकी बहन मंजीत देवी की ससुराल पक्ष के लोगों ने हत्या कर दी थी। इस संबंध में थाना राजौंद में एफआईआर नंबर 37 के तहत दहेज हत्या की प्राथिमकी दर्ज की गई थी जिसकी जांच बाद में सीआईए-2 को सौंप दी गई। राजौंद थाना पुलिस ने ससुर राजकुमार, सास अंगूरी, जेठ अशोक और जेठानी सुमन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

उन्होंने बताया कि 9 और 18 मार्च को एसपी कार्यालय गए। 1 अप्रैल को भी एसपी से मुलाकात कर एक सप्ताह में गिरफ्तारी का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे परिवार में रोष है।

मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -मनप्रीत सिंह, एसपी

आत्महत्या के मामले में जांच के लिए डीएसपी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित
संवाद न्यूज एजेंसी

राजौंद। मंजीत की आत्महत्या के मामले में जांच के लिए डीएसपी गुरविंद्र सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है। डीएसपी ने बताया कि शिकायत में मृतका के ससुराल पक्ष के चार सदस्यों पर आरोप लगाए गए थे। प्रारंभिक जांच के बाद मामले की जांच स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट को सौंपी गई थी।
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उन्होंने बताया कि सोमवार को मृतका के परिजन एसपी से मिलने पहुंचे और पति पर भी आरोप लगाए। शुरुआती शिकायत में पति का नाम शामिल नहीं था। शिकायत के अनुसार मंजीत की शादी दिसंबर 2014 में रोहेड़ा माजरा निवासी नवीन के साथ हुई थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करता था। मायके वालों का आरोप है कि मंजीत को घर में एक कमरे तक सीमित कर दिया गया था और उसे फोन रखने की भी अनुमति नहीं थी। दो बार मायके पक्ष ने उसे फोन दिया, लेकिन ससुराल पक्ष ने उसे तोड़ दिया। कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आरोप है कि घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। संवाद

दहेज हत्या के मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर मायके पक्ष के लोग पिहोवा चौक पर प्रदर्शन करते- फोटो : Archive

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