पाई। हजवाना के सरकारी स्कूल में कई साल पुराने पीपल के पेड़ को काटने पर ग्रामीणों में रोष है। इसी मामले में ग्रामीण बुधवार को उपायुक्त से भी मिलेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जो पेड़ ऑक्सीजन के साथ छांव देने का काम भी करता है, लेकिन उसी पेड़ को बेरहमी से काट दिया है। अब इसका जिम्मेवार कौन है या फिर स्कूल स्टाफ की मिलीभगत के कारण ये पेड़ काटा गया। यदि स्कूल स्टाफ की मिलीभगत नहीं तो फिर उन्होंने पेड़ काटने से रोका क्यों नहीं। एक तरफ जहां गांव में समाजसेवी सरपंच सभी पेड़ पौधे लगा रहे दूसरी तरफ गांव हजवाना में शिक्षा के मंदिर में पेड़ काटे जा रहे हैं, पीपल के पेड़ कटने से ग्रामीणों में गुस्सा है। संवाद