तीन दिन से मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रही आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को शनिवार को राज्यमंत्री के आवास पर प्रवेश करने का प्रयास करने पर पुलिस ने खदेड़ दिया। इस दौरान कुछेक वर्कर्स को हल्की चोटें आई हैं। वर्कर्स ने इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को फिर से राज्यमंत्री के आवास पर प्रदर्शन का एलान किया है।
विदित रहे कि आंगनबाड़ी वर्कर्स की ओर से कमला धौरा की अगुवाई में तीन दिन से राज्यमंत्री के आवास पर धरना दिया जा रहा था। तीसरे दिन के धरने के बाद वर्कर्स ने राज्यमंत्री के आवास का घेराव करने का प्रयास किया। वर्कर्स ने बैरिकेड्स पर रखे बैनर्स को उतार कर एकदम से बैरिकेड्स को हटाने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान वर्कर्स के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने वर्कर्स को वहां से खदेड़ दिया। कुछ एक महिलाओं को हल्की चोटें भी आईं। वर्कर्स का आरोप है कि पुलिस ने लाठियां बरसाई हैं। राज्यमंत्री के आवास पर धरने में तीसरे दिन जींद, भिवानी, गुरुग्राम और कैथल जिले की सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर शामिल हुई थीं।
धरने में समर्थन के लिए पहुंची आंगनबाड़ी वर्करों कमला, प्रेमवती, निर्मला, गोहाना से ज्ञानोदेवी, सरोज, मुलाना, ब्लॉक से राजबाला, सदेश, पिल्लूखेड़ा ब्लॉक निर्मला, रामरती ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। तीन दिनों से राज्यमंत्री के आवास पर धरना दे रहीं हैं, लेकिन राज्यमंत्री कर्मचारियों से बातचीत के लिए भी समय नहीं दे रही। वहीं, तीसरे दिन पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठियां बरसाई गईं। इसमें कई आंगनबाड़ी वर्करों को चोटें आई। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन की जिला प्रधान कमला द्योरा ने बताया कि चोटिल वर्कर्स प्राथमिक उपचार के बाद अपने घर चली गई। सोमवार को दोबारा आंगनबाड़ी राज्य मंत्री के निवास पर पहुंचेगी। अगर इसके बाद भी मांगों को नहीं माना तो आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।
डीएसपी दिलीप कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया। केवल महिला पुलिस बल द्वारा उन्हें राज्यमंत्री के आवास में घुसने से रोका गया है।
जाम लगाने के आरोप में वर्कर्स के खिलाफ केस दर्ज
कैथल। पुलिस ने आंगनबाड़ी वर्कर्स द्वारा जाम लगाए जाने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुदेश मेहरा की शिकायत पर उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि किसी भी संगठन, व्यक्ति को अगर कोई समस्या है, तो वह लोकतांत्रिक व्यवस्था से अपनी रख सकता है। किसी को भी रोड जाम करने की इजाजत नही हैं। रोड जाम करने से आम व्यक्तियों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई बार तो जाम होने से आम जन को काफी नुकसान झेलना पड़ता है। शुक्रवार को कैथल के विश्वकर्मा चौक पर तथा कांगथली में रोड जाम किया था, जिनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विश्वकर्मा चौक पर जाम के मामले में तहसीलदार सुदेश मेहरा की शिकायत पर कमलेश दयोहरा व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसी प्रकार कांगथली में रोड जाम करने पर नायब तहसीलदार विरेंद्र कुमार की शिकायत पर साहब सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई है।