संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा की कलायत इकाई की आम सभा की बैठक हुई। इसमें हक की आवाज बुलंद करते हुए कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट व गुजरात हाई कोर्ट फैसला दे चुके हैं कि आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर ग्रेच्यूटी और तीसरे ओर चौथे दर्जे के कर्मचारी के हकदार हैं। केंद्र व राज्य सरकार इन निर्णयों को तुरंत लागू करे।
बैठक में कहा गया कि इस निर्णयों को लागू करवाने को लेकर देश भर की वर्कर्स और हेल्पर्स पूरे देश की 13 फरवरी को दिल्ली में विशाल मार्च करेंगे।
आम सभा को संबोधित करते सीटू सह सचिव सत्यवान ने कहा कि केंद्र द्वारा आईसीडीएस को खत्म करने और बजट में भारी कटौती के निर्णय है। ऑनलाइन के नाम पर वर्कर्स को प्रताडि़त किया जा रहा है। राज्य में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के 6000 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं, जिन्हें नहीं भरा जा रहा है। हेल्पर्स से वर्कर्स और वर्कर्स से सुपरवाइजर्स की पदोन्नति को अनदेखा किया जा रहा है।
इस मौके पर नई कमेटी का चुनाव किया गया जिसमें पूनम को अध्यक्ष, सुदेश ओर प्रियंका को उपाध्यक्ष, शीला को सचिव बिमला, आशा को सहसचिव, पूनम को कोषाध्यक्ष ओर सत्यवान को ऑडिटर चुना गया।
इसके अलावा 17 सदस्यीय कमेटी का चुनाव किया गया। नवनियुक्त कमेटी ने सरकार से मांग की कि वर्कर्स और हेल्पर्स को पक्का कर्मचारी बनाया जाए, न्यूनतम वेतन 26000 रुपये लागू किया जाए, 2018 की केंद्र की घोषणा 1500, 750 का एरियर दिया जाए, केंद्रों का किराया जारी हो। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रद्द हो, वर्कर्स और हेल्पर्स को ग्रेच्युटी दी जाए, खाली पड़े हेल्पर्स, वर्कर्स, सीडीपीओ, पीओ के पद भरे जाएं। बैठक की अध्यक्षता सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान व यूनियन जिला सचिव शकुंतला ने की।