आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन से जुड़ी महिलाएं मांगों को लेकर राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के निवास पर दो दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं। शुक्रवार को दूसरे दिन महिलाओं को पीने के पानी, शौचालयों व बैठने की उचित सुविधा नहीं मिली तो गुस्साई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शहर के विश्वकर्मा चौक पर जाम लगा दिया। जाम तीन घंटे तक रहा, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। जाम से चौक के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना पाकर डीएसपी दलीप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानी और प्रदर्शन जारी रखा। बाद में तहसीलदार सुदेश मेहरा ने उन्हें समझाया और मांगों पर बातचीत का आश्वासन दिया तो महिलाओं ने जाम खोल दिया। महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों नहीं मानी गई तो वे आगे भी जाम लगाने पर मजबूर होंगी।
जाम में शामिल महिला रविंदर कौर, रंजना, अंजली, सुनीता शर्मा, रेखा, गीता व अनुपमा ने बताया कि सुपरवाइजर के सभी पदों पर सीधी भर्ती सहित तमाम मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन द्वारा लगातार प्रदर्शन जारी है। वीरवार से वे धरने पर हैं। उनके लिए पेयजल और शौचालयों तक की व्यवस्था नहीं की गई है। बैठने के लिए भी कोई स्थान नहीं है। इस कारण उन्होंने जाम लगाया है।
ये है मुख्य मांगें
2018 में यूनियन के साथ किए समझौते के अनुसार उन्हें श्रमिक का दर्जा दिया जाए, सुपरवाइजर के सभी पदों पर वर्कर्स की सीधी भर्ती कराई जाए, हेल्परों की प्रोमोशन को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए व आयु सीमा खत्म की जाए। इसके अलावा उन्होंने अन्य कई मांगें अधिकारियों के सामने रखी।
26-कैथल। अपनी मांगो को लेकर विश्वकर्मा चौक कैथल में जाम लगा कर बैठी हुई आंगनबाड़ी वर्कर।- फोटो : Kaithal
27-कैथल। बहन जी जाने दो............विश्वकर्मा चौक कैथल में जाम के दौरान सामान से लदी अपनी रेहड़ी को निकालन?- फोटो : Kaithal
28-कैथल। कुछ राहत तो मिली................लगभग तीन घंटो से जाम लगा कर बैठी हुई आंगनबाड़ी वर्कर गर्मी से व प्या?- फोटो : Kaithal