हरियाणा सरकार द्वारा सिख परिवारों की शादियों के पंजीकरण के लिए आनंद मैरिज एक्ट लागू करने पर सिखों ने खुशी का इजहार किया है। प्रमुख सिक्ख नेता हरपाल सिंह चीका ने कहा कि आनंद मैरिज एक्ट लागू होने से ना सिर्फ सिखों को अपनी एक स्वतंत्र पहचान मिलेगी, बल्कि उन्हें इस पंजीकरण का बहुत लाभ भी मिलेगा। श्री गुरु तेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल चीका में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे सिखों को शादियों के पंजीकरण को लेकर बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि विदेश में रहने वाले सिख परिवार अपने बच्चों के विवाह आज भी भारत में करने आते हैं। वापस लौटने पर मैरिज सर्टिफिकेट के मामले में उन्हें बहुत समस्याएं आती हैं। हरपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जिस तरीके से गांवों में होने वाली शादियों को पंजीकरण करने के लिए तहसीलदार तथा शहरों में होने वाले विवाहों के लिए स्थानीय निकायों के अधिकारियों को अधिकार दिए हैं इससे सिख परिवारों को विवाह पंजीकरण करवाने में बहुत आसानी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आनंद मैरिज एक्ट लागू करने वाला हरियाणा पहला राज्य बन गया है। पंजाब ने भी अभी इसे अपने यहां नहीं लागू किया है। सरदार हरपाल सिंह चीका ने कहा कि राज्यसभा सांसद एवं अल्प संख्यक आयोग के चेयरमैन रहे सिक्ख विद्वान सरदार तिरलोचन सिंह ने इस मामले में बहुत प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की तरह ही देश के अन्य राज्यों को भी आनंद मैरिज एक्ट लागू करना चाहिए। सिख नेता ने कहा कि इस एक्ट के लागू होने से पहले सिक्खों के बेशक होते आनंद कारज थे, पर उनका पंजीकरण हिंदु मैरिज एक्ट के अनुसार ही होता था। उन्होंने कहा कि सिख अब अपनी अलग पहचान पाने में कामयाब हुए हैं।
उन्होंने सिक्ख समाज की ओर से प्रदेश सरकार व राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष रहे सरदार तिरलोचन सिंह का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के पूर्व प्रधान मेजर सिंह गुहला, वरिष्ठ सिख नेता सरदार ईशर सिंह, टहल सिंह थेह मुकेरियां, सरदार प्रेम सिंह गुहला, सतनाम सिंह तथा लाभ सिंह मौजूद थे।