कैथल। रोडवेज डिपो में जल्द इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने वाला है। इस दिशा में तैयारी तेज कर दी गई हैं। बसों के आने से पहले ही बस अड्डे पर चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यालय ने इसके लिए बस अड्डे पर उपलब्ध भूमि का विवरण और उपयुक्त स्थान की रिपोर्ट मांगी है, ताकि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा सके।
इसके साथ ही कैथल डिपो ने पांच इलेक्ट्रिक बसों की मांग भी मुख्यालय को भेजी हुई है, जिस पर जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के नियमित संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसी कारण बसों के आवंटन से पहले चार्जिंग प्वाइंट लगाना जरूरी है। इस प्वाइंट के लगने के बाद भविष्य में बसों के संचालन में बैटरी संबंधित चार्ज करने की कोई दिक्कत नहीं आएगी।
छात्रों और दैनिक यात्रियों को मिलेगा लाभ
इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से सबसे अधिक फायदा विद्यार्थियों, कर्मचारियों और रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। शहर और आसपास के क्षेत्रों में सफर करने वाले लोगों को आधुनिक व आरामदायक परिवहन सुविधा मिलेगी। इन बसों में वातानुकूलित (एसी) सुविधा उपलब्ध होगी जिससे गर्मी के मौसम में यात्रियों को राहत मिलेगी। साथ ही डीजल की तुलना में परिचालन लागत कम होने से रोडवेज को भी आर्थिक लाभ होगा। इस समय शहर में सिटी बस सेवा नहीं है। इन बसों का प्रयोग सिटी बस सेवा में भी किया जा सकता है।
प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम कदम
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण और ईंधन की खपत में कमी आएगी। सरकार सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है और कैथल में चार्जिंग स्टेशन की स्थापना इसी पहल का हिस्सा मानी जा रही है। वर्तमान में करनाल और कुरुक्षेत्र डिपो की इलेक्ट्रिक बसें भी समय-समय पर कैथल रूट पर संचालित हो रही हैं।
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मुख्यालय ने बस अड्डे पर चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के लिए उपलब्ध स्थान की रिपोर्ट मांगी है। जल्द ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी। कैथल डिपो की ओर से पांच इलेक्ट्रिक बसों की मांग भी मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार, वर्कशॉप मैनेजर