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सरकारी एंबुलेंस पर्याप्त नहीं, अब प्राइवेट का सहारा

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जिले के सरकारी अस्पतालों को एंबुलेंस की मारामारी की स्थिति से उभरने के लिए अब विभाग प्राइवेट एंबुलेंस की शरण ले रहा है और गाड़ियों को किराये पर हायर कर रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों में खुद प्रति किलोमीटर के हिसाब से एंबुलेंस को किराया जारी किया जा रहा है।
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दो कैटेगरी में बांटी हैं प्राइवेट एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस में दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर उनका किराया निर्धारित किया गया है। इसके तहत एंबुलेंस की दो कैटेगरी बनाई गई हैं। इनमें से एक बेसिक लाइफ स्पोर्ट है और दूसरी कैटेगरी एडवांस लाइफ स्पोर्ट है। बीएलएस में मरीजों को गंतव्य तक जाने के लिए सामान्य गाड़ी उपलब्ध करवाई जा रही है, जबकि एएलएस में ऑक्सीजन व अन्य इमरजेंसी सुविधाओं को उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसका ज्यादातर प्रयोग इमरजेंसी सुविधाओं के लिए ही किया जा रहा है।
एडवांस लाइफ स्पोर्ट का किराया 15 रुपये प्रति किलोमीटर किया है निर्धारित
विशेष सुविधाओं से लैस एंबुलेंस की गाड़ियों का किराया 15 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है, जबकि सामान्य का किराया 07 रुपये प्रति किलोमीटर है। ये किराया भी विभाग द्वारा किसी मरीज के सुविधा लेने के बाद वहन किया जा रहा है।
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विभाग के पास इस समय हैं 16 एंबुलेंस
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास इस समय 16 एंबुलेंस हैं। इनमें से तीन-चार गाड़ियां तो अंडर सर्विस रहती हैं। कोरोना महामारी से बचाव के कार्यों में भी चार गाड़ियां लगाई गई हैं। एक-एक गाड़ी जिले के छह सीएचसी केंद्रों में लगाई गई है। ऐसे में विभाग के पास जो गाड़ियां बचती हैं, वे लोगों की सुविधा के लिए अपर्याप्त हैं। प्राइवेट एंबुलेंस का सहारा लेने से लोगों को थोड़ी राहत तो मिल रही है, लेकिन यह समस्या का स्थाई समाधान नहीं है।
फ्लीट मैनेजर सुभाष ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों व इमरजेंसी के लिए प्राइवेट एंबुलेंस हायर की जा रही हैं। जरुरत पड़ी तो गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह सेवा ली जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने बताया कि विभाग के पास प्राइवेट एंबुलेंस हायर करने का प्रोविजन है। सरकार ने अनुमति भी दे रखी है। पिछले काफी समय से लोग इस सुविधा का लाभ ले भी रहे हैं। फिलहाल जिले में एंबुलेंस सेवा से संबंधित काम चल रहा है। भविष्य को देखते हुए विभाग से आठ एंबुलेंस और जिले को उपलब्ध करवाने बारे पत्राचार किया गया है।
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