सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के धीमे निवारण पर डीसी ने संज्ञान लेते
हुए मंगलवार को अधिकारियों की बैठक ली। इस मामले को अमर उजाला ने11 जून के
अंक में प्रमुख्ता से प्रकाशित था कि सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों का
निपटान धीमी गति से हो रहा है। उस समय तक आई करीब 1200 से ज्यादा शिकायतों में से महज 97 का ही निपटान हो पाया था। शेष पर कार्रवाई चल रही थी।
बैठक में उपायुक्त ने सीएम विंडो की शिकायतों पर तत्परता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिले में कही भी अवैध खुर्दे नहीं होने चाहिए। अवैध खुर्दे चलाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित विभाग के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का अविलंब निपटारा किया जाए। इन शिकायतों के निपटारे के लिए सही दस्तावेज ही संलग्न किए जाएं तथा शिकायतों को पूर्ण रूप से निपटाया जाए। शिकायतों के निपटारे के दौरान शिकायतकर्ता को शामिल किया जाए और उसे संतुष्ट किया जाए।
यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता, तो दो अन्य व्यक्तियों को बुलाकर उन्हें समझाया जाए। सभी अधिकारी मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का तय समय में निपटारा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस पटल पर प्राप्त शिकायतों की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही है तथा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा शिकायतकर्ता से मोबाइल पर शिकायत निपटारे के बारे में भी जानकारी हासिल की जा रही है।
डीसी ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को स्वयं कंप्यूटर पर चैक करें तथा इन शिकायतों पर कार्रवाई की जिम्मेवारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर न छोड़ें। इस बैठक में एसडीएम आरके सिंह, गुहला एसडीएम बीर सिंह कालीरमण, उपपुलिस अधीक्षक श्री टेकन राज शर्मा, नगराधीश नवीन आहुजा सहित सभी विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।