डॉ. कुशल पाल ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में खेलों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि खेलों से जहां शारीरिक दक्षता आती है वहीं अनुशासन, नेतृत्व क्षमता व टीम भावना का विकास होता हैं। प्रो. रणधीर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में खेलों को कैरियर के रूप में अपनाया जा सकता है। खेलों से जहां आजीविका कमाई जा सकती है वहीं खेल हमें नशे जैसी बुराई से दूर रहने में मदद करते हैं। कार्यक्रम की आयोजक व संयोजिका नीलम देवी ने बताया कि इस एथलेटिक्स मीट का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना और शारीरिक दक्षता का विकास करना है। मीट में दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक, भाला फेंक आदि स्पर्धाएं करवाई गईं। प्राचार्य डॉ. जसबीर सिंह ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ साथ खेल भी व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण आधार हैं। प्रतियोगिताओं में पुरुष वर्ग में श्रेष्ठ धावक अमन व महिला वर्ग में श्रेष्ठ धाविका काजल रही। इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र सहारण, प्रो. गुरतेज, सुभाष शर्मा व राजपाल राणा भी उपस्थित रहे।