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ताले में बंद अल्ट्रासाउंड मशीनें, जांच के लिए महंगी फीस देना मजबूरी

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जिला नागरिक अस्पताल और गुहला-चीका के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों रुपये की लागत से मंगवाई गईं अल्ट्रासाउंड मशीनें रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण धूल फांक रही हैं। अस्पताल में मशीनें रखने के तुरंत बाद से ही कमरों में ताले जड़े हुए हैं। ऐसे में अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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ये मरीज प्राइवेट केंद्रों में 800 से लेकर 1000 रुपये तक के महंगे दामों में अल्ट्रासाउंड करवाने को मजबूर हैं। ज्यादा दिक्कतें गर्भवती महिलाओं को ठानी पड़ रही हैं। महिलाओं की परेशानियों का आलम यह है कि पहले तो अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मुश्किल से गर्भवती महिलाओं का जांच के लिए नंबर आता है। उसके बाद उन्हें जब अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पर्ची लिखकर दी जाती है। तो उन्हें नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध न होने की वजह से भीषण गर्मी के बीच प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्रों तक धक्के खाते हुए महंगी फीस पर अपना अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। वहां से अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद रिपोर्ट दिखाने के लिए ये गर्भवती महिलाएं फिर से अस्पताल व चिकित्सा केंद्रों पर पहुंचती हैं।
उधर, स्थिति यदि देखें तो पिछले करीब 7 वर्षों से नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड से संबंधित कार्य नहीं हो रहा है। गुहला-चीका में भी एक वर्ष पहले लगाई की मशीन ऐसे ही पड़ी है। हालांकि पहले मशीनें न होने के कारण दिक्कत ज्यादा थी, लेकिन अब मशीनें आने के बाद भी लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मरीजों ने सरकार से मांग की है कि जब अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हो गईं हैं, तो कम से कम उन्हें चलाने के लिए विशेषज्ञ भी उपलब्ध करवाएं जाएं, अन्यथा यह सुविधा उनके किसी काम की नहीं हैं।
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हर माह होती है 400 के करीब महिलाओं की डिलीवरी
नागरिक अस्पताल में प्रति माह 400 के करीब गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होती है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों व चिकित्सा केंद्रों में भी डिलीवरी की सुविधा तो है, लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए वहां से भी लोगों को शहर में ही आना पड़ता है। ये महिलाएं किसी भी सरकारी अस्पताल से डॉक्टर का परामर्श लेकर प्राइवेट केंद्रों में अल्ट्रासाउंड करवा रही हैं।
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रेडियोलॉजिस्ट के लिए मुख्यालय को लिखा है पत्र : डा. शैलेंद्र
सिविल सर्जन डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए जिले में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण दिक्कत सामने आ रही हैं। इस संबंध में विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखा गया है कि जल्द से जल्द विशेषज्ञ को जिले में तैनात किया जाए। लिफ्ट के बारे में उन्होंने कहा कि इस तरह लिफ्ट का प्रयोग न के बराबर होता है। फिर भी इसकी सफाई करवाकर इसे दैनिक प्रयोग के लिए शुरू किया जाएगा।
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