कलायत। पानी की निकासी का प्रबंध न होने से उपमंडल के लगभग सभी गांव पानी से लबालब हैं। गांव मटौर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय व सरकारी स्कूल पूरी तरह से पानी में डूबे हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में करीब चार फीट तक पानी का भराव है जिसके चलते छुट्टी कर दी गई।
तालाब पूरी तरह से ओवरफ्लो होने के कारण बरसाती पानी से माना पत्ती, राजा पत्ती, राना पत्ती, सीमल पत्ती और जैलदार पत्ती जलमग्न हैं। धर्मबीर जैलदार ने बताया कि उनके क्षेत्र के हर घर में तीन से चार फीट तक पानी भरा है। उधर, कुराड़ गांव में कुराड़ से भाणा ड्रेन की सफाई न होने के कारण कुराड, खेड़ी लांबा, कौलेखां व भाणा गांव के हजारों एकड़ पानी से लबालब भरे हैं।
किसान प्रदीप कुमार, मनोज, बलिंद्र, दरिया राम का कहना है कि प्रशासन ने इस ड्रेन की सफाई करवाई ही नहीं जिसके कारण से हजारों एकड़ में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो रही है। किसान अपने ही स्तर पर ड्रेन की सफाई में लगे हैं पर कामयाबी नहीं मिल पा रही। कलायत में पूंडरी ड्रेन व शिमला माइनर पर पडऩे वाले हजारों एकड़ पूरी तरह से बरसाती पानी से भरे हैं। गांव बालू, बडसीकरी, वजीरनगर, कैलरम, बात्ता, खरक पांडवा में भी हजारों एकड़ खेत पानी से भरे हैं।
उधर, एसडीएम ने अपनी टीम के साथ गांव मटौर, शिमला व कलायत एसटीपी का दौरा कर स्थिति का जायजा लेकर एसडीओ पंचायती राज को निर्देश दिए।
गांव शिमला में मकान व कलायत में ढहा पशुबाड़ा
कलायत। गांव शिमला में एक मकान और कलायत में पशुबाडे़ की छत ढहने कई पशु चोटिल हो गए। गांव शिमला में कई दिनों से जलभराव पर लोग रोष प्रकट कर रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह ओमी देवी पत्नी रणधीर सिंह का मकान भरभरा कर गिर गया। नाराज लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि पिछले चार वर्षों से बरसाती पानी उन लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बना है। सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी बलदेव सिंह ने लोगों को किसी तरह मनाया।
ग्रामीणों का कहना था कि कुछ दिन पूर्व उनके गांव में डीसी ने खुला दरबार लगाया था। उन्होंने इस समस्या को प्रमुखता से रखा था पर नतीजा सिफर रहा। ओमी देवी ने कहा कि पति बीमार हैं। अब उनके पास घर में बैठने तक को स्थान नहीं है। उन्होंने बर्तन व परिवार को अन्य किसी के घर में रखा हुआ है। राजेंद्र कुमार का कहना है कि इस क्षेत्र में पानी को भूमिगत करने के लिए कुछ वर्ष पूर्व सरकार ने बोर लगाया था पर उसको लगाने के बाद न तो प्रशासन ने न हीं पंचायत ने कोई सुध ली। प्रदर्शन करने वालों में राममेहर, राजेंद्र कुमार, रामभक्त, रणवीर, दीपू, जोगेंद्र, चांदी राम, नरेश कुमार, सतीश, जंतरी देवी, मूर्ति देवी, बिशम देवी आदि शामिल रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि दो दिन में पानी निकासी का प्रबंध न किया गया तो फिर आंदोलन करेंगे।
बारिश से गलियों में हुआ जल जमाव
सीवन। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार दोपहर तक रुक-रुक कर जारी रही। बारिश के कारण नगर की कई गलियों में जल जमाव हुआ। नगर के निचले क्षेत्र में गलियों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर के सौथा रोड प्राथमिक स्कूल के मुख्य द्वार के सामने पानी जमा हो गया। इसके कारण से स्कूल में जाने वाली छात्रों और स्कूल स्टाफ को जाने में भारी परेशानी हुई। किसान जरनैल सिंह, प्रशांत आनंद, जय पाल आनंद, कुलदीप सिंह, अंतरजीत सिंह व अन्य किसानों ने बताया कि इस बारिश के कारण सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है।
राजौंद के कई हिस्सों में पानी भर गया
राजौंद। बारिश के कारण नगर के कई हिस्सों में पानी भर गया। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। पैक्स कार्यालय में भी पानी घुस गया। इससे पैक्स कर्मचारियों को दिक्कतें हुई। पीएनबी बैंक में घुसे पानी को पंप लगाकर निकालना पड़ा। कैथल रोड पर भी कई स्थानों पर जलभराव होने से दिक्कतें हुईं। वार्ड नंबर 12 में राजेश कुमार की एक दीवार गिर गई। कैथल रोड पर गोगामेड़ी के पास भी तलाब ओवरफ्लो हो गया। रैन बसेरे के साथ सड़क पर पानी भरने से कई वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।
वार्ड दो व चार में बारिश का पानी घरों में घुसने पर लोगों ने रोष जताया। इसे लेकर वार्ड के लोग नगर पालिका प्रशासन से भी मिले लेकिन कोई स्थाई समाधान न निकलने से लोगों ने नारेबाजी की। विरोध करने वालों में दलबीर लंबरदार, सुरेश कुमार, विनोद कुमार, प्रदीप, राजकुमार, चेतन, मोहित, सुंदर, महिला राजबाला, धन्नो, सीमा, कांता, कमलेश, सोनिया, कोमल, बरसो, राजबाला शामिल रहे।