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स्कूल फंड के 1.62 करोड़ रुपये के गबन का आरोप

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कैथल। कस्बे की सबसे पुरानी और बड़ी शिक्षण संस्था एएस वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पूंडरी की वर्तमान प्रबंधन सोसाइटी पर डीएवी कालेज प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने एक करोड़ 62 लाख रुपये गबन करने के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच एसआईटी करेगी। दूसरी ओर सोसाइटी के सचिव ने सभी आरोपों को नकारा है।
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शनिवार को पूंडरी के डीएवी स्कूल में पत्रकारों से बातचीत में में डा.विद्यार्थी ने कहा कि 1916 में बनी शिक्षण संस्था एएस स्कूल का संचालन शुरू से डीएवी कालेज प्रबंधन समिति दिल्ली कर रही है। इसके स्वामित्व से जुड़े सभी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। अभी तक यहां सभी नियुक्तियां भी दिल्ली समिति ही कर रही है, लेकिन शहर के कुछ लोगों ने डीएवी प्रबंधन समिति द्वारा नियुक्त मैनेजर मांगेराम गुप्ता व मुख्याध्यापक सोहनलाल से मिलकर वर्ष 14 मार्च 2018 में एक स्वयंभू सोसाइटी का गठन किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सोसाइटी ने एक स्थानीय कमेटी बना ली व अप्रैल 2018 में स्कूल का सारा पैसा जो कि दिल्ली समिति द्वारा खोले गए दो बैंकों में पड़ा था, दूसरे बैंक में खाता खोलकर वहां ट्रांसफर कर लिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वर्तमान सोसाइटी ही इस स्कूल की मालिक होती तो उसे पुराने खातों को बंद करने की क्या जरूरत थी और ऐसी क्या आपदा आन पड़ी थी कि उन्हें लाखों रुपये की एफडी तुड़वानी पड़ी।
उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाए कि ये पैसा डीएवी प्रबंधन समिति का था और इसे वर्तमान प्रबंधन समिति ने चोरी कर लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से पहले डीएवी के अधीन इस शिक्षण संस्था से उनके पास करीब दो करोड़ रुपये सालाना आते थे। वर्तमान सोसाइटी ने पिछले चार वर्षों से डीएवी के खाते में एक भी रुपया जमा नहीं करवाया। उन्होंने कहा कि ये जांच का विषय है कि स्कूल का सारा पैसा कहा गया। डा. विद्यार्थी ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस ने पहले ही आठ लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है और अब एक एसआईटी गठित कर दी गई है। ये टीम पूरे मामले की जांच में लगी हुई है और जल्द ही इस पूरे गबन का खुलासा हो जाएगा।
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दूसरी ओर स्थानीय सोसाइटी के सचिव महेश मंगल ने सभी आरोपों को नकार दिया और कहा कि उनके पास सारे अधिकृत कागजात हैं। उनके ऊपर गलत आरोप लगाए गए हैं। उधर, मामले में एसएचओ शिव कुमार ने कहा कि 21 सितंबर को इस संबंध में केस दर्ज किया था। इस बारे में रिकॉर्ड ले लिया है। इस मामले में एसएचओ की अगुवाई में तीन सदस्यों की एक एसआईटी गठित की गई है। जल्द ही मामले की जांच पूरी कर ली जाएगी।
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