संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। डाॅ. भीम राव आंबेडकर कमेटी सदस्यों ने गादड़ा पट्टी के सरपंच व कुछ अन्य लोगों आंबेडकर भवन की जमीन पर कब्जा करवाने के आरोप लगाए हैं। एसडीएम अजय हुड्डा को दी गई शिकायत के बाद शुक्रवार को बीडीपीओ समिता ठाकुर ने पुलिस बल के साथ निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान वहां मौजूद पंचायत सदस्यों और कर्मचारियों को यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
कमेटी सदस्य शमशेर सिंह, पवन कुमार, प्रवीण, राजबीर, नवीन, कुलदीप, फूला राम, पिंकी पंच, बलजीत और प्रदीप कुमार ने बताया कि गांव की गादड़ा पट्टी में डाॅ. भीम राव आंबेडकर भवन के लिए ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव पास किया गया था। इस पर ग्राम पंचायत ने भी अपनी सहमति की मुहर लगाई थी।
सदस्यों के मुताबिक, प्रदेश सरकार की ओर से डाॅ. भीम राव अंबेडकर भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट भी दी गई। इससे भवन का निर्माण किया गया, लेकिन खुद सरपंच की ओर से जमीन पर विवाद खड़ा करने से चारदीवारी व कुछ अन्य निर्माण कार्य अधर में लटके हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी वे अपने स्तर पर जुटाई गई राशि व सरकारी ग्रांट से निर्माण कार्य शुरू करवाते हैं। तो काम को बंद करवाने का दबाव बनाया जाता है।
आंबेडकर भवन कमेटी सदस्यों का कहना है कि अगस्त 2024 में जिला परिषद पार्षद दीप बालू के आग्रह पर दो लाख 84 हजार रुपये का ग्रांट भी भवन की दीवार निर्माण के लिए आया। इस निर्माण कार्य को भी शुरू होने से रोका जा रहा है। जबकि भवन को नुकसान पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत ने इसकी नींव के पास बूस्टर बोर की पाइप दबा दिया गया। इससे लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। भवन के ढहने का खतरा भी है।
इतना ही नहीं भवन के लिए निर्धारित जमीन का जो भाग खाली है उस पर निजी क्षेत्र के लोगों की सरकारी ग्रांट से कालोनी अलाॅट की जा रही है। दूसरी ओर सरपंच दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रांट केवल जिला परिषद से आई थी। इसके अलावा डाॅ. भीम राव अंबेडकर भवन के लिए कोई राशि पंचायत के पास नहीं आई। मेरी ओर से किसी की निजी कालोनी संबंधित जमीन पर अलाट नहीं की गई। ना ही उनकी ओर से आंबेडकर भवन का कोई काम रुकवाया जा रहा है।
सरपंच का कहना है कि कमेटी सदस्यों ने जो आरोप लगाए हैं, वे निराधार हैं। बीडीपीओ समिता ठाकुर ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने गांव बालू में जमीन का मौका मुआयना किया था। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि जिस जमीन पर निर्माण किया जा रहा है, वह पंचायती जमीन है। इस जमीन पर एक गरीब महिला का घर है। महिला की ओर से अब वहां निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। निर्माण कार्य रोक दिया गया है। पूरी रिपोर्ट डीसी को भेजी जाएगी।