संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नागरिक अस्पताल में लाखों रुपये की आधुनिक मशीनें आने से लैब का स्तर बढ़ने से मरीजों को लाभ मिल रहा है। अब किसी टेस्ट के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह जानकारी सीटीओ संजय कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि पहले अस्पताल की लैब में एएनसी, पीएनसी, टीबी और रूटीन के ही टेस्ट होते थे। अब प्रयोगशाला में नए नए संयंत्र आने से वे टेस्ट भी यहीं हो सकेंगे जिनके लिए मरीजों को कैथल जाना पड़ता था। उन्होंने बताया की लैब में प्रति माह लगभग छह हजार टेस्ट हो रहे हैं जिनकी संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि कलायत नागरिक अस्पताल की लैब में बायो केमिस्ट्री के लिए फुल आटोमैटिक एनलायजर इंस्टाल किया जा चुका है। जिसमें लिपिड प्रोफाइल, किडनी, लीवर आदी के सभी टेस्ट आधुनिक तौर पर हो सकेंगे। और किट आने पर इस एनलाइजर के माध्यम से एचबीए1सी जैसे टेस्ट भी हो सकेंगे।
सीएमओ डाॅ. राजेंद्र ने बताया कि नई और आधुनिक मशीनें लगने से एक तो सैंपल के रिजल्ट में पूर्णता आएगी और एक ही समय में अनेक टेस्ट एक ही एनलायजर में हो सकेंगे। छोटे एनलायजर में एक्यूरेसी सही नहीं आती। नई मशीन में एक बार में ही 72 सैंपल रखे जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की नीति है कि खंड स्तर पर भी लैबों को अपग्रेड किया जाए और उसके लिए आधुनिक मशीनों को भेजा जा रहा है। कलायत के नागरिक अस्पताल की लैब में अभी और भी आधुनिक मशीनें आएंगी, ताकि होने वाले टेस्टों की एक्यूरेसी पूरी हो और मरीजों को टेस्ट के लिए कहीं बाहर न जाना पड़े।
राकेश राणा ने बताया की संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम पर केंद्र सरकार का पूरा फोकस है। मेडिकल मोबाइल यूनिट हर गांव में जा रही है और वहां से बलगम के सैंपल ले रही है। बताया कि दिसंबर माह की जांच में टीबी के 12 रोगी मिले जिनका उपचार जारी है।