संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दशहरा पर्व के बाद वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा है जबकि इससे पहले करीब पांच दिन पहले भी वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा था। उस दौरान यह 162 पर पहुंचा था। अब सोमवार दोपहर तीन बजे तक वायु प्रदूषण का स्तर 152 पर दर्ज किया गया। हालांकि बाद में वायु प्रदूषण का स्तर घटकर 150 से नीचे पहुंच गया था।
गौरतलब है कि दिवाली पर्व के समीप आते ही खेतों में पराली की घटनाएं सामने आने के बाद वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है। ऐसे में आंखों में जलन भी होने लगती है। जिससे वाहन चालकों व आम लोगों को काफी परेशानी होती है। बता दें कि जिला प्रशासन ने भी किसानों को खेतों में धान के फसल अवशेष न जलाने को लेकर युद्ध स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया है।
इसके तहत किसानों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। पहले कृषि विभाग सैटेलाइट के माध्यम से फसल अवशेष में आग लगाने के मामलों की जानकारी प्राप्त करता है। इसके बाद उसकी जांच कर संबंधित खेत के किसान पर जुर्माना लगाया जाता है।
अब तक 20 से अधिक आएं हैं मामले ः कृषि विभाग की ओर से किसानों को फसल अवशेष में आग न लगाने के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। इसके तहत उन्हें फसल अवशेष में आग लगाने की बजाय इसकी गांठे बनाने से होने वाले लाभ की जानकारी दी जाती है।
जिले में 25 सितंबर के बाद से लेकर अब तक 20 से अधिक मामले फसल अवशेष जलाने के सामने आए हैं। इसमें 50 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना भी किया गया है। हालांकि अभी तक फसल अवशेष जलाने के मामले में तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
कृषि विभाग के एसडीओ सतीश नारा ने बताया कि किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत उन्हें फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाता है।