कांग्रेस के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने गेहूं के आयात से टैक्स हटाकर एक बार फिर से किसान विरोधी होने का परिचय दिया है। क्योंकि गेहूं के आयात से शुल्क हटाने से किसान को भारी नुकसान होगा। अगले तीन माह में हजारों करोड़ रुपये का गेहूं आयात होगा। जिससे तीन माह बाद किसी तरह अपनी फसल पकाकर मंडी में पहुंचने पर किसान को अपनी गेहूं का उचित भाव नहीं मिल पाएगा।
शनिवार शाम अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी में देशबंदी के बाद सरकार ने गेहूं के आयात पर शुल्क को जीरो कर दिया है। जिस कारण पहले से ही नोटबंदी के कारण परेशानियों में घिरे किसान को मायूसी हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया के गेहूं की लाइफ महज 30 माह है। अमेरिका व कनाडा में अपने किसान को गेहूं उगाने पर सरकार द्वारा 50 से 60 प्रतिशत सब्सिडी देती है। जिस कारण ये गेहूं सस्ते हैं और भारतीय बाजार में आने के कारण भारतीय गेहूं उत्पादकों को नुकसान होगा। कांग्रेस ने किसान की सुविधा को देखते हुए आयात पर टैक्स लगाया था। नोटबंदी घोटाले के बाद यह बड़ा घोटाला है। जिसे मोदी सरकार ने चंद व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू किया है।ु वर्ष 2016 जब पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का 50वां वर्ष है। ऐसे वर्ष में मोदी सरकार पहले खाद के लिए, फिर फसल की कीमत के लिए और अब नोटबंदी के कारण लगातार किसान को पंगू बना रही है। साथ ही भूमिहीन मजदूरों को भी इससे दिक्कतें आएंगी। इससे भाजपा व मोदी का किसान विरोधी चेहरा सामने आया है।
सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी के कारण अकेले फरीदाबाद में 45 हजार लोगों को नौकरी से हटा दिया गया है। स्वयं भाजपा के कर्मचारी संगठन माने जाने वाले मजदूर संघ ने माना है कि इस फैसले से 20 लाख नौकरियां गई हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि देश में 2 करोड़ नौकरियां खत्म होंगी। जबकि ढाई साल में हर साल 2 करोड़ को रोजगार देने का वायदा कर सत्ता में आए मोदी ने महज एक करोड़ 35 लाख नौकरियां दी हैं।
एसवाईएल पर सुरजेवाला ने कहा कि इनेलो व भाजपा प्रदेश के लोगों का बेवकूफ ना बनाएं। चौटाला को फरवरी की बजाए कल से ही क्यों नहीं खुदाई करनी चाहिए। फरवरी में कौन सा मुहूर्त निकाला गया है। क्योंकि अकाली दल की इनेलो बी टीम है। वहां चुनाव है, इसलिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। वहीं सीएम इस मामले में राष्ट्रपति की बजाए पीएम से क्यों नहीं मिले। हरियाणा, पंजाब एव केंद्र में बीजेपी की सरकार है। एसवाईएल में तुरंत पानी लाया जाए।
दलितों का शोषण करने वाले आज दलित सम्मेलन कर रहे हैं, यह हास्यास्पद है
सुरजेवाला ने कहा कि जिस दल ने सबसे ज्यादा दलितों का शोषण किया, वह आज दलित सम्मेलन कर रहा है। यह पूरी तरह से हास्यास्पद है। पहले इनेलो दुलीना कांड, हरसौला कांड, कौलेखां कांड, मंत्री रहते हुए कृपा राम पूनिया जी का मुंह काला करने के मामले में माफी मांगें। प्रायश्चित करें, फिर सम्मेलन करें तो अच्छा रहेगा। क्योंकि इनेलो की हमेशा दलित विरोधी मानसिकता रही है। सबसे ज्यादा इनेलो ने दलितों का शोषण किया है।
उन्होंने कहा कि इनेलो के लोग एक संस्था के खिलाड़ियों के लिए बनाए गए मैदान को राजनीतिक गतिविधि के लिए प्रयोग कर रहे हैं, जबकि हमने यह स्टेडियम बनाते समय यहां राजनीतिक गतिविधियों, सर्कस, हेलीकॉप्टर के लिए हैलीपैड बनाने जैसे कार्यों पर रोक लगाकर इसका पालन किया था। इस अवसर पर सुरजेवाला के साथ सुदीप सुरजेवाला, नफे सिंह नैन, धर्मपाल ठेकेदार व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।