14-कैथल। अग्रवाल धर्मशाला के चुनाव को लेकर बैठक करते हुए रामनिवास मितल व समाज के लोग।
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जींद रोड पर स्थित अग्रवाल धर्मशाला के चुनाव को लेकर अग्रवाल समाज की एक बैठक धर्मशाला में हुई। जिसमें समाज के प्रमुख लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। बैठक में समाज के लोगों ने धर्मशाला के प्रधान से मांग की कि समय पूरा होने के बाद अब चुनाव करवाया जाए।
बैठक में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल, मुकेश गर्ग, सुभाष बात्ता, लाजपत राय सिंगला, रत्न लाल गर्ग, शमशेर सिंह, सुनील कुमार, छबील दास छात्र, चांदी राम, सुरेश देवबन सहित अन्य ने कहा कि जून 2016 में अग्रवाल धर्मशाला का चुनाव हुआ था। जिसमें देवी दयाल गर्ग को प्रधान नियुक्त किया गया था। जून 2019 में इस समिति का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। करीब दो माह बीत जाने के बावजूद चुनाव न होने से समाज में रोष व्याप्त है। प्रधान को चाहिए कि अग्रवाल धर्मशाला का चुनाव करवाया जाए। धर्मशाला के सचिव देशराज बंसल, सुभाष गोयल, मांगे राम खुरानिया, रामनिवास खुरानिया, धर्मपाल जिंदल सहित सभी पदाधिकारियों से आग्रह किया जा चुका है कि धर्मशाला का चुनाव करवाया जाए। लेकिन समिति द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिस कारण समाज में रोष व्याप्त है। पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल ने कहा कि धर्मशाला में इस समय एक राजनीतिक पार्टी का कार्यालय चलाया जा रहा है। जो गलत है। यहां होने वाले सामाजिक कार्य इस कार्यालय के कारण प्रभावित होते हैं। इस कार्यालय को बंद करके शीघ्र चुनाव करवाया जाए। अन्यथा वे भी यहां कांग्रेस पार्टी का कार्यालय खोल लेंगे। इसी तरह कोई अन्य भी किसी दूसरी पार्टी का कार्यालय खोल सकता है। समिति से आग्रह है कि यहां चुनाव करवाकर नियमों का पालन किया जाए।
शीघ्र करवाया जाएगा चुनाव : धर्मशाला समिति के प्रधान देवी दयाल गर्ग ने कहा कि पिछला चुनाव 26 जुलाई को हुआ था। अगस्त महीने में कार्यकाल लिया गया था। इस समय वोटर लिस्ट को ठीक करवाया जा रहा है। शीघ्र ही बैठक का नोटिस जारी करके चुनाव करवाया जाएगा। जो आज चुनाव करवाए जाने की मांग कर रहे हैं, उन्होंने पिछली बार साढ़े चार साल में चुनाव करवाया था। तय अवधि से एक साल से भी ज्याद समय के बाद चुनाव करवाया गया था और ऐसे व्यक्ति को प्रधान बनाया गया था, जो सभा का सदस्य भी नहीं था। रही बात राजनीतिक पार्टी का कार्यालय चलाए जाने की तो यहां जो कमरा प्रयोग किया जा रहा है, उसका मासिक किराया लिया जा रहा है। पहली बार ऐसा है कि इस कार्यकाल में धर्मशाला में सालाना 25 लाख रुपये की आमदनी पहुंच गई है। इससे पहले का बजट देखा जा सकता है कि कितनी कमाई होती थी। पहले इस धर्मशाला को नुकसान में दिखाया जाता था, आज यह तीन गुना कमा रही है।