कैथल। अपनी मेधा से अपना, माता-पिता, जिले का नाम रोशन करने वाले मेधावियों को प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सम्मानित किया। यह सम्मान पाकर जिले के सात मेधावियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उनका कहना था कि यह उनके जीवन का सबसे खुशनुमा पल है, जिसे वह हमेशा याद रखेंगे। अब बुलंदियां छूने की तमन्ना है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इसी तरह आगे बढ़ते हुए अपना भविष्य उज्ज्वल करने के लिए प्रेरित किया। पंचकूला के सेक्टर-एक स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सम्मान पाने के लिए पहुंचे इन मेधावियों में काफी उत्साह नजर आया। इस दौरान कई मेधावियों के परिजन भी मौजूद रहे। उन्होंने अमर उजाला के इस कार्यक्रम की प्रशंसा की।
गौरतलब है कि जिले से नौ विद्यार्थियों का चयन किया गया था लेकिन किन्हीं कारणों से समारोह में दो नहीं पहुंच सके। इनमें टीना और लक्षिता शामिल रहीं। समारोह में पहुंचे इन सभी विद्यार्थियों ने भविष्य को लेकर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि भविष्य में विभिन्न पदों पर जाकर जनता की सेवा करने की ठानी है।
उधर, समारोह में बीमार होने से नहीं पहुंच सकीं टीना और लक्षिता ने भी आगे की पढ़ाई के लिए जोश दिखाया है।
डॉक्टर बनना है सपना ः दिव्या
छात्रा दिव्या ने 10वीं में 500 में से 493 अंक हासिल किए हैं। उसने बताया कि अच्छी पढ़ाई कर वह भविष्य में डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। डॉक्टर बनने के लिए उसे जितनी भी पढ़ाई करनी पड़े, वह करेंगी। माता कमलेश व पिता कृष्ण पूरा सहयोग कर रहे हैं। वह प्रतिदिन स्कूल से आने के बाद सुबह शाम पांच से छह घंटे तक पढ़ाई करती हैं।
करूंगी लोगों का इलाज : अलीशा
छात्रा अलीशा ने कहा कि ने कहा कि भविष्य में उसका लक्ष्य चिकित्सक बनना है। इसके लिए वह खूब मेहनत कर रही है। स्कूल से घर आने के बाद भी वह रात को चार से पांच घंटे व सुबह भी जल्द उठकर पढ़ाई करती है। माता-पिता पूरा सहयोग करते हैं। डीडीवाई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खरक पांडवा में पढ़ाई करती है। 500 में 492 अंक लेकर दसवीं पास की है।
लक्ष्य है इंजीनियर बनना ः आर्यन
छात्र आर्यन ने कहा कि भविष्य में इंजीनियर बनना चाहता है। इसके लिए वह मन लगाकर पढ़ाई कर रहा है। वह खरक पांडवा के डीडीवाई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई करता है। पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई परेशानी न आए इसके लिए पूरा सहयोग कर रहे हैं। उसके पिता जयपाल व उसकी माता बिमला उसे पढ़ाई करने के लिए समय समय पर प्रेरित कर रहे हैं।
इंजीनियर बनूंगी ः परी
छात्रा परी ने कहा कि ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल चीका में पढ़ती है। दसवीं कक्षा में उसके 492 नंबर आए है। बारहवीं में वह और अधिक मेहनत करेगी और पूरे 500 अंक लाने का प्रयास रहेगा। वह भविष्य में अच्छी पढ़ाई कर इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए वह खूब मेहनत करेगी। उसके पिता राकेश कुमार व माता ममता देवी का पूरा सहयोग कर रहे हैं।
चाहत है इंजीनियर बनूं ः सिमरन
छात्रा सिमरन वर्मा ने कहा कि 10वीं कक्षा की पढ़ाई के बाद इंजीनियर की पढ़ाई करना चाहती है। सिमरन ने कहा कि वह हर रोज छह से सात घंटे पढ़ाई करती है। परिजनों का उसे पूरा सहयोग मिल रहा है। सिमरन ने कहा वह हिंदू गर्ल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैथल की छात्रा है। उसने बताया कि कुछ समझ नहीं आए तो वह यूट्यूब के माध्यम से पढ़ लेती है।
आईटी सेक्टर है लक्ष्य ः सलोनी
छात्रा सलोनी ने कहा कि ने कहा कि वह गांव खेड़ी शेरखां की रहने वाली है और शहीद भगत सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मटौर में पढ़ाई करती है। वह भविष्य में आईटी सेक्टर में जाना चाहती है। वह इस बारहवीं कक्षा में 489 अंक लेकर पहले स्थान पर रही है। माता-पिता उसे समय समय पर पढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। आईटी में शोध करना चाहती हूं।
चाहत है डॉक्टर बनूं ः साहिल
छात्र साहिल कुमार ने कहा कि वह बाल विकास स्कूल का छात्र है। उसने हॉल ही में 12वीं में 486 अंक लेकर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। उसका लक्ष्य भविष्य में डॉक्टर बनने का है। वह इसके लिए निरंतर पढ़ाई कर रहा है। उसके माता पिता का पढ़ाई कराने में उसे पूरा सहयोग मिल रहा है। उसके पिताजी रामबीर सिंह उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हैं।