कैथल। छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी और निलंबन के बाद बयान में पीड़ित छात्राओं ने एकबार फिर दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा है कि अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार का उन्हें अहसास था, लेकिन वे आवाज नहीं उठा पा रहीं थीं। कुछ समय पहले स्कूल में गुड टच और बैड टच पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके बाद उन्होंने मुखर होकर आरोपी प्रधानाचार्य के खिलाफ आवाज उठाई और शिकायत दी।
सूत्रों के अनुसार, छात्राओं की तरफ से दिए गए बयान में सामने आया है कि जब छात्राएं यातनाएं झेल रही थीं। उस समय अन्य छात्र भी उनके पक्ष में आए थे, लेकिन प्रधानाचार्य ने उन्हें धमकियां देकर चुप करा दिया। साथ ही उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया। फिर कुछ ही समय पहले गुड और बैड टच को लेकर जागरूकता कार्यक्रम स्कूल में आयोजित किया गया था। इसके छात्राओं को पॉक्सो एक्ट के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई थी, जिसके बाद ही छात्राएं प्रधानाचार्य के खिलाफ सामने आईं। लिखित शिकायत के बाद कमेटी के सामने दिए गए बयान में भी यह सामने आया था कि छात्राओं के साथ गलत व्यवहार हुआ है। इसके बाद ही आरोपी प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। अब प्रधानाचार्य के जेल जाने के बाद गांव में शांति का माहौल है। इससे पहले मामला सामने आने के बाद लगातार दो दिन तक ग्रामीणों में रोष बना हुआ था। इस मामले में गुहला के डीएसपी कुलदीप बैनीवाल ने बताया कि पुलिस की एसआईटी की टीम लगातार जांच कर रही है। एक दिन पहले ही स्कूल की अन्य छात्राओं से जानकारी ली गई थी। पुलिस की तरफ से नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।