संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बीते कुछ दिनों से कोहरे और धुंध की मार झेल रहे जिले में अब पाले ने दस्तक दे दी है। मौसम का मिज़ाज लगातार बदल रहा है। भले ही शनिवार सुबह घनी धुंध नहीं छाई, लेकिन तापमान में गिरावट के कारण खेतों और खुले इलाकों में पाला जम गया। सुबह होते ही फसलें, घास और खुले मैदान सफेद चादर में ढके नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार तड़के से ही आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहे। सूरज की किरणें दोपहर तक भी जमीन तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे ठंड और अधिक बढ़ गई। अपराह्न तीन बजे के बाद मौसम में हल्की से मध्यम शीत लहर चलती रही।
बादलों की मौजूदगी और वातावरण में नमी के चलते रविवार को बूंदाबांदी या हल्की बारिश की भी संभावना बनी हुई है। उधर, शनिवार को ठंड बढ़ने से लोगों को सुबह और देर शाम अधिक ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सुबह काम पर निकलने वाले मजदूरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, वहीं बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री भी बढ़ गई है।
पाला जमने से फसलों पर असर ः
कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि पाला जमने से सरसों, आलू और सब्जियों की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कई किसानों ने सुबह खेतों में जाकर फसलों पर बर्फ जैसी जमी परत देखी है।
गांव सोंगल के किसान रामस्वरूप का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिन भी इसी तरह पाला पड़ा रहा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। पाले से फसलों के खराब होने की आशंका बनी रहती है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि रात के समय हल्की सिंचाई करें, जिससे तापमान संतुलित बना रहे। इसके अलावा खेतों के चारों ओर धुआं करने से भी पाले का प्रभाव कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यदि बूंदाबांदी होती है तो पाले का असर कुछ हद तक कम हो सकता है, हालांकि इससे ठंड और बढ़ा सकती है। आगे कोहरा पड़ने की संभावना है और ऐसे में घर से निकलने सम सावधान रहने की जरूरत है।