संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला बार एसोसिएशन जींद की राज्य व्यापी हड़ताल के आह्वान पर सोमवार को कैथल की जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने हड़ताल की। सोमवार को कोई भी अधिवक्ता अदालतों में पेश नहीं हुआ और न ही किसी नोटरी पब्लिक अथवा ओथ कमिश्नर ने कोई दस्तावेज अटेस्ट किया। अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी हुई।
जिला बार एसोसिएशन की ओर से हर अदालत में एक-एक प्रॉक्सी काउंसिल नियुक्त किया गया था, जो सोमवार के केसों में केवल तारीख ले रहा था। हड़ताल के कारण अदालत व चेंबर परिसर सूने दिखाई दिए।
बार एसोसिएशन के प्रधान बलजिंद्र सिंह मलिक ने कहा कि इस मामले में कैथल के अधिवक्ता जींद के अधिवक्ताओं के साथ हैं। डीएसपी के व्यवहार की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि जींद की बार जो भी फैसला लेगी, हम उनके साथ हैं। यह हड़ताल 10 सितंबर को भी जारी रहेगी।
मलिक ने कहा कि यह अधिवक्ताओं के आत्म सम्मान और निष्ठा का मामला है। कुर्सी के मद में पुलिस अपने पद की गरिमा भूल रही है। एडवोकेट एक्ट में वकीलों को ऑफिसर आफ द कोर्ट कहा गया है।
वकीलों की मांग है कि पुलिस विभाग या राज्य सरकार डीएसपी के खिलाफ उचित कार्रवाई करे वरना हड़ताल चलती रहेगी। मलिक ने बताया कि जिला बार एसोसिएशन जींद के प्रधान राकेश मलिक व कुछ अन्य अधिवक्ता के पास किसी काम से गए थे।
वहां डीएसपी ने उनकी बात सुनने की बजाए उनसे कहा कि मेरे पास फालतू समय नहीं है, जल्दी अपनी बात रखो और बाहर निकलो।
जब अधिवक्ताओं ने उन्हें आराम से बात सुनने को कहा तो डीएसपी भडक़ गई और वकीलों को गिरफ्तार करने तक की बात कह डाली।