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सीएम के दूत विधायक ने बार प्रधान को तीसरी बार में जूस पिला

Sat, 24 Sep 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो कैथल
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वकीलों को समझाते विधायक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डीएम और एसडीएम के तबादले की मांग को लेकर आंदोलनरत जिला बार एसोसिएशन ने क्रमिक अनशन को खुलवाने के लिए मुख्यमंत्री का प्रस्ताव लेकर आए गुहला विधायक  के आश्वासन को मानने से इंकार कर दिया। विधायक ने दस दिनों में मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था जिसे प्रधान सहित कई वकीलों ने मान लिया था। अधिकतर वकीलों ने प्रधान के फैसले का विरोध कर दिया। बाद में बार एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से फैसला लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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शुक्रवार को बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक गौतम सहित बार कार्यकारिणी धरने पर बैठी। दोपहर बाद गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर वकीलों से मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने 10 दिन में वकीलों की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। विधायक ने प्रधान को जूस पिलाकर धरना समाप्त करवाने का प्रयास किया। इसका कई वकीलों ने विरोध किया। इस दौरान जूस प्रधान सहित विधायक के कपड़ों तक पर बिखर गया। इसी बीच प्रधान ने गले से फूलों की माला निकाल कर इस्तीफा देने की पेशकश कर डाली। इसके बाद विधायक ने तीसरी बार प्रयास कर प्रधान को जूस पिला दिया।

कई वकीलों ने विरोध करते हुए कहा कि प्रधान ने बिना बार एसोसिएशन से बातचीत के अनशन क्यों समाप्त किया और मीडिया में अनशन समाप्ति की बात क्यों कही? प्रधान के धरना समाप्ति के एलान के बाद भी कई वकील धरने पर बैठ गए। यहां करीब आधे घंटे तक प्रधान व दूसरे पक्ष के बीच जमकर बहस हुई। वहीं बार एसोसिएशन के दो गुट बनने की नौबत आ गई। बाद में बार एसोसिएशन की बैठक हुई जिसमें वकीलों ने प्रधान द्वारा केवल विधायक के आश्वासन पर धरना समाप्ति का विरोध जताया। प्रधान ने कहा कि उन्होंने केवल शुक्रवार का धरना समाप्त किया था। उन्होंने पूरी तरह से धरना समाप्त नहीं किया। एसोसिएशन की बैठक में लिए गए फैसले के बाद फिर से प्रधान सहित कार्यकारिणी सदस्य धरने पर बैठे।
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प्रधान अशोक गौतम ने कहा कि गुहला के विधायक 10 दिनों में डीसी व एसडीएम के तबादले की मांग का आश्वासन लेकर आए थे। लेकिन बार का फैसला है कि उनकी मांग तुरंत पूरी की जाए। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। सोमवार तक पूरे प्रदेश में सभी बार प्रधानों से बातचीत की जाएगी। अब उनकी एक ओर मांग है कि जिस रीडर ने वकीलों के खिलाफ शिकायत दी है, उस रीडर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

शुक्रवार को क्रमिक अनशन में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक गौतम, उपप्रधान सुरेंद्र मलिक, सचिव चरणजीत वालिया, सहसचिव चरण सिंह सजूमा, कोषाध्यक्ष अनूप सिंह सहित एडवोकेट मनोज चौहान, आरडी शर्मा, गोपाल भट्ट, अजय दूआ, रसदूल सिंह और ईश्वर मलिक शामिल थे।
धरना स्थल पर आए विधायक कुलवंत बाजीगर को वकीलों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। वकीलों ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पूर्व विधायक को डीसी और एसडीएम के तबादले के बारे में ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वकीलों ने कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं डीसी और एसडीएम का तबादला चाहिए।

धरना समाप्त करा दस दिन का समय मांगा है
कुलवंत बाजीगर ने कहा कि उन्होंने वकीलों को जूस पिलाकर धरना समाप्त करवा दिया है। वकीलों ने अधिकारियों के तबादले की मांग की है। तबादला जल्दी ही हो जाएगा लेकिन उन्होंने वकीलों के दस दिन का समय मांगा है।
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