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डीसी-एसडीएम के साथ अब गुहला विधायक के खिलाफ खोला मोर्चा

Tue, 27 Sep 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो कैथल
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धरनारत वकीलों को जूस पिलाते प्रधान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 वकीलों और प्रशासन के बीच चल रहा टकराव कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कैथल के साथ-साथ प्रदेश भर में वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। वकीलों को आश्वासन देने पहुंचे सीएम के ओएसडी अमरेंद्र सिंह के साथ धरनास्थल पर ना जाने के कारण गुहला विधायक कुलवंत बाजीगर पर वकील भड़क उठे। वकीलों ने डीसी और एसडीएम के साथ-साथ विधायक गुहला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार का एलान कर दिया। उनका कोई भी केस ना लड़ने का फैसला भी लिया। वकीलों ने राजस्व अदालतों का बहिष्कार और क्रमिक अनशन जारी रखने का फैसला लिया है। मंगलवार से वकील न्यायिक अदालतों में काम काज जारी रखेंगे।
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सोमवार को वकीलों ने अपना क्रमिक अनशन जारी रखा। कैथल बार एसोसिएशन के समर्थन में प्रदेश के करीब सभी जिलों में वकीलों ने एक दिन के लिए वर्क सस्पेंड रखा। दोपहर बाद वकीलों के पास सूचना आई की मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह वकीलों से बातचीत करने के लिए आ रहे हैं। करीब चार बजे तक अमरेंद्र सिंह जब बार में नहीं पहुंचे तो प्रधान अशोक गौतम के नेतृत्व में वकीलों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने के लिए लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में पहुंचा। ओएसडी ने उनसे सहमति जताते हुए कहा कि शीघ्र ही वकीलों की मांग पूरी कर दी जाएंगी। इसी बीच ओएसडी ने वकीलों को कहा कि वे बार में पहुंचें। वे भी वहीं आकर बात करेंगे। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक वकील इंतजार करते रहे। ओएसडी नहीं पहुंचे तो उनसे संपर्क कर पूछा गया कि वे धरनास्थल पर क्यों नहीं आ रहे? ओएसडी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें विधायक गुहला को साथ ले जाकर बात करने के लिए अधिकृत किया था। गुहला विधायक के धरनास्थल पर ना जाने के कारण वे वहां आने में असमर्थ हैं।

यह जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन की बैठक हुई जिसमें सभी वकीलों ने विचार-विमर्श करते हुए विधायक गुहला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक के बाद सोमवार को क्रमिक अनशन पर बैठे वकीलों को करीब छह बजे जूस पिलाकर अनशन खुलवा दिया। सोमवार को क्रमिक अनशन करने वालों में सोमदत्त शर्मा, ऋषि निझावन, वेदप्रकाश ढुल, रणधीर ढुल, जसवंत सिंह खेड़ीवाला, राज सिंह कसान, पवन शर्मा, विनय वर्मा शामिल थे।
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मीडिया से बातचीत में प्रधान अशोक गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री के ओएसडी ने वकीलों की मांग को पूरा करने का आश्वासन दे दिया लेकिन गुहला विधायक धरनास्थल पर नहीं पहुंचे। इस कारण वकीलों ने अनशन खत्म नहीं किया। विधायक के अहंकारी रवैये के कारण बार एसोसिएशन ने उनके सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया है। गुहला सहित कैथल का कोई वकील उनका कोई भी केस नहीं लड़ेगा ना ही उन्हें अपने घर बुलाएगा। मुख्यमंत्री से अपील है कि ऐसे एमएलए को निलंबित किया जाए। भाजपा को जिले में दुश्मनों की जरूरत नहीं है, जब तक उनके पास ऐसा विधायक है। उनकी मुख्यमंत्री से मांग है कि विधायक गुहला को निलंबित कर पार्टी की सदस्यता से बर्खास्त किया जाए।

जारी रहेगा अनशन, अदालतों में आज से होगा काम काज
वकीलों ने कहा है कि मंगलवार से उनका क्रमिक अनशन जारी रहेगा। साथ ही मंगलवार से न्यायिक अदालतों में वकील काम शुरू करेंगे लेकिन राजस्व अदालतों का बहिष्कार जारी रखेंगे। जब तक डीसी व एसडीएम का तबादला नहीं हो जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

ओएसडी को दें विधायक को ओवरटेक करने की पावर
बार एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि यदि सीएम किसी अधिकारी या ओएसडी को अपना संदेशवाहक बनाकर भेजें तो उन्हें अहंकारी विधायक को ओवरटेक करने की पावर दें। ताकि इन अधिकारियों को ऐसे मौकापरस्त पार्टी विरोधी नेताओं की जरूरत ना पड़े।

पूरे प्रदेश में हुआ काम काज ठप
प्रधान अशोक गौतम ने कहा कि कैथल बार एसोसिएशन के आह्वान पर पूरे प्रदेश में सोमवार को वकीलों ने काम काम ठप रखा। जिसके लिए कैथल बार एसोसिएशन पूरे प्रदेश के वकीलों के आभारी हैं। हरियाणा का वकील कैथल बार एसोसिएशन के साथ है। उनकी सरकार से मांग है कि कैथल बार एसोसिएशन की मांग पूरा करें।

वकील अब कहीं बातचीत को नहीं जाएंगे, जिसने बात करनी होगी, धरनास्थल पर आए
बार एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि अब वे बातचीत के लिए कहीं नहीं जाएंगे। जिसे भी बातचीत करनी होगी, वह बातचीत के लिए धरनास्थल पर आएगा। यहीं बातचीत की जाएगी।

मैं एक बार कैथल के वकीलों को उनके धरनास्थल पर जाकर मुख्यमंत्री की अनुमति से उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दे चुका हूं। जिस पर उन्होंने अनशन खत्म कर दिया था। उसी बात के लिए दोबारा बार में जाने का औचित्य नहीं बनता। वे वकीलों की इससे अलग कोई भी बात हो, उस पर सहयोग करने को तैयार हैं। वकीलों का सम्मान करते हैं।
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कुलवंत बाजीगर, विधायक, गुहला-चीका।
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