संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित दिव्या ने निस्वार्थ भाव से भगवान की भक्ति करने की सलाह देते हुए कहा कि कर्मों से मनुष्य निष्काम कर्म योग के रास्ते पर चल सकता है।
इससे पूर्व 11 रुद्री स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता शर्मा ने दीप प्रज्वलित करके कथा का शुभारंभ किया। इस मौके पर कथा वाचक पंडित दिव्या ने कहा कि मनुष्य को जीवन-मरण के चक्कर से मुक्ति पाने के लिए निस्वार्थ भाव से भगवान की भक्ति करते रहना चाहिए। जीवन में कभी किसी जीव जंतु, पेड़ पौधों और सूक्ष्म जीव को हानि भी न पहुंचाएं। मनुष्य अपने कर्मों से निष्काम कर्म योग के रास्ते पर चल सकता है। इस रास्ते पर चलकर मनुष्य प्रभु के चरणों में समर्पित हो जाता है।
प्रधान विनोद मित्तल ने बताया कि 26 अगस्त जन्माष्टमी के पर्व पर मंदिर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर मंदिर में भव्य झांकियां भी निकाली जाएंगी। उन्होंने शहर के लोगों से आग्रह किया कि वे इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ हिस्सा लें। इस मौके पर घनश्याम अध्यक्ष राजकुमार गोयल, हैप्पी, भगवान दास, सुशील सिंगला व किरण सिंगल आदि मौजूद रहे।