कैथल। धान सीजन शुरू होने से पहले प्रशासनिक बैठकों में धान खरीद की व्यवस्था के लिए दावे किए गए थे लेकिन रविवार को बारिश में सभी दावे विफल साबित हुई। मंडियों में सभी एजेंसी और मंडी प्रशासन से धान एमएसपी पर खरीदने, बारिश से बचाव के लिए शेड खाली रखने और तिरपाल की व्यवस्था के लिए कहा गया था, लेकिन बारिश में शेड व्यापारियों के लिए रिजर्व रहे और तिरपाल गायब। मंडियों में पड़ा करीब 6.53 अरब रुपये का 2.69 लाख एमटी धान बारिश में भीग गया। इसमें खरीदा गया और बिना बिका हुआ धान शामिल है। बरसात के अगले दिन यानी सोमवार को मंडी परिसर में जगह-जगह पानी भरा हुआ था और धान की बोरियां व ढेरी उसी गहरे पानी के बीच में तैरती व डूबी दिखाई दीं। कई जगहों पर तो धान की ढेरियों के बिल्कुल पास से पानी बह रहा था।
सोमवार शाम तीन बजे तक 3.64 लाख एमटी की आवक, 2.20 लाख एमटी की खरीद हो चुकी है जबकि 99783 एमटी का उठान हुआ है। 138.42 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया गया है।
पहले प्रशासन और अब बरसात से बर्बादी
मंडी पहुंचे किसानों ने कहा कि हम पहले सरकारी सिस्टम और प्रशासन के लचर रवैये की वजह से परेशान हुए और अब इस बेमौसम बरसात ने हमें पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। कैथल की नई मंडी में किसान खुद अपनी फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद करते दिखे। कोई किसान अपने धान के ढेर के नीचे जमा पानी को खुद उपकरणों से निकाल रहा है, तो कोई भीगे हुए धान को धूप निकलने पर खुद ही सुखाने के प्रयासों में जुटा है। सरकारी स्तर पर पानी निकासी के कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आए।
शेडों के नीचे मिलरों का धान सुरक्षित
मंडियों में जहां एक तरफ गरीब किसानों का धान खुले में भीग रहा था, वहीं दूसरी ओर मंडियों में बने पक्के शेडों के नीचे मिलरों का धान सुरक्षित रखा हुआ था। किसानों का आरोप है कि रसूखदारों और मिलरों के अनाज को तो शेडों में जगह मिल गई लेकिन किसानों की फसल खुले आसमान के नीचे रही।
किसानों ने कहा : अब नमी के बहाने से लुटेंगे
- मंडी में अपनी धान के नीचे से पानी निकाल रहे अमरगढ़ के बलकार ने कहा कि तीन दिन से मंडी में धान बिकने का इंतजार किया। अब बारिश में भीगने के बाद नमी के बहाने से लुटेंगे।
- सजुमा के बलदेव ने बताया कि सरकार, प्रशासन और अब बारिश सब किसानों के विपरीत हैं। प्रशासन जानबूझकर धान खरीदने में देरी कर रहा था, ताकि औने-पौने दाम में खरीद सके।
नई अनाजमंडी कैथल में बारिश के पानी में डूबे धान के कट्टे। संवाद
नई अनाजमंडी कैथल में बारिश के पानी में डूबे धान के कट्टे। संवाद