संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। डीसी प्रशांत पंवार ने अपने कैंप कार्यालय में सोमवार को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली एवं जिला में चल रहे धान से संबंधित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर गठित कमेटियां अपना कार्य सही ढंग से करें।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि इसी कड़ी में ब्लॉक पूंडरी में प्रशासन ने गांव रसीना, सांच, सिरसल, हाबड़ी, रमाना-रमानी, करोड़ा, पाई व भाणा में फ्लैग मार्च निकाला। गांव सिरसल व भाना में किसान धान के फानों में आग लगाते मिले, जिसे तुरंत पुलिस के हवाले किया गया।
साथ ही प्रशासन द्वारा अपील की गई कि धान के बचे हुए फसल अवशेषों फानों में आग नहीं लगाएं। फानों का उचित प्रबंधन करके किसान अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकता है। फाने जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं जमीन की उपजाऊ क्षमता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
यदि कोई व्यक्ति पराली जलाता हुआ पाया जाता है तो उससे पर्यावरण के नुकसान की भरपाई की जाएगी, जिसके तहत दो एकड़ भूमि तक 2500 रुपये प्रति घटना, दो से पांच एकड़ भूमि तक पांच हजार रुपये प्रति घटना, पांच एकड़ से ज्यादा भूमि पर 1500 रुपये प्रति घटना जुर्माना लगाया जाएगा। किसान पराली प्रबंधन करके उसे मशीन से काट कर पशुओं का चारा बना सकता है। पराली को पावर प्लांट, गत्ता मिल व पेपर मिल में बेच कर आय अर्जित कर सकता है। पराली को कंपोस्टिंग करके जैविक खाद बना सकता है। इस मौके पर कैथल सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक ब्रहम प्रकाश, डीडीपीओ कंवर दमन व डीडीए महावीर सिंह मौजूद रहे।