अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। क्षेत्र के चार तालाबों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को अधिकारियों की मौजूदगी में 14 मकान गिराए गए। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। शुक्रवार को कुल 25 मकान गिराए जाने थे, लेकिन समय की कमी के कारण 14 मकानों पर ही कार्रवाई हो सकी। कार्रवाई में खसरा नंबर 480, 482, 483, 484 पर स्थित डोभी, मोरचढ़ाई, धरनीधर और अड़छंड़ तालाबों की जमीन को मुक्त करवाया गया। फोर्स के कारण कार्रवाई का किसी ने विरोध नहीं किया। सर्दी मेें आशियाने उजड़ने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
कलायत थाना परिसर में शुक्रवार सुबह से ही पुलिस बल पहुंचना शुरू हो गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी रणनीति के साथ कार्रवाई शुरू की।
सबसे पहले पूरा अमला डोभी तालाब पर पहुंचा। यहां बसंती माता के पास रघुबीर, कंवर पाल, सरदा, तेजपाल, राजेंद्र और भरथा ने छह अस्थाई मकान बनाए हुए थे। टीम ने जेसीबी से इन्हें गिरा दिया। नगर पालिका में तैनात भवन निरीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि इन निर्माणों को गिराने के साथ ही डोभी तालाब पूरी तरह से अवैध कब्जे से मुक्त हो गया है। इसके बाद प्रशासन दलबल सहित सजूमा रोड पर धरनीधर तालाब की भूमि पर पहुंचा। यहां पर प्रशासन ने जेसीबी से बीरमी, रामपाल और कृष्ण के मकानों को गिरा दिया। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बेहद चौकस रहे। यहां 8 सितंबर को कार्रवाई के दौरार हालात बिगड़ गए थे। इसलिए पूर्व पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
नगरपालिका सचिव और भवन निरीक्षक के इशारे पर सबसे पहले जेसीबी से कृष्ण पुत्र बलबीर के मकान को तोड़ना शुरू किया गया। इसके साथ बीरमी और रामपाल के मकानों को भी प्रशासन ने ढहा दिया। रामपाल, राजपाल, गोपाल नंबरदार आदी लोग प्रशासन से गुहार लगाते रहे कि उन्हें उच्च न्यायालय से स्टेट को मिल गया है, पर प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद टीम ने उन पांच अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त कर दिया, जिन्हें लोग स्वेच्छा से हटा रहे थे।
समय अभाव में 14 को गिरवाया
नगरपालिका सचिव और भवन निरीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि शुक्रवार को चारों तालाबों से कुल 25 अवैध निर्माण हटाए जाने थे। समय की कमी के कारण 14 को ही गिराया जा सका है। ये वे निर्माण थे, जिनके पास कोर्ट प्रोसिडिंग, स्टे आर्डर नहीं थे या फिर कोर्ट से एक्सपार्टी हो चुके थे। उन्होंने बताया कि प्रशासन केवल न्यायालय के आदेशों की पालना कर रहा है।
आज भी होगी कार्रवाई
खसरा नंबर 483 से रघुबीर और कंवरपाल पुत्र जमादार, सरदा और तेजपाल पुत्र सचेत, राजेंद्र और भरथा पुत्र लटूर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर डोभी तालाब को कब्जा मुक्त कर दिया गया है। खसरा नंबर 482 से बीरमी, राजपाल पुत्र सपट्टर, कृष्ण पुत्र बलबीर, सुखपाल पुत्र मोबत, विनोद पुत्र विशंभर के अलावा बीरभान और मुन्ना के निर्माण कार्यों को गिरवाया जाएगा।
छह में से तीन तलाब कराए कब्जा मुक्त
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि कुल छह तालाबों में से शुक्रवार तक तीन तालाबों को पूरी तरह से कब्जामुक्त करवाया जा चुका है। खसरा नंबर 483 से छह निर्माण कार्यों को गिरा कर उसे अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। इससे पूर्व प्रशासन खसरा नंबर 479 और 480 को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करवा चुका है।
फफक उठीं महिलाएं
अपने मकानों को गिरता देख महिलाएं बोलीं कि उन्होंने किसी तरह से अपना पेट काट-काट कर मकान बनाया था। भारी सर्दी के मौसम में प्रशासन ने उनके सिर से छत छीन ली है। अब वे अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं।