परिजनों ने पुलिस पर लगाया जहर देकर हत्या करने का आरोप
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सीवन पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए छेड़छाड़ के आरोपी डिपो होल्डर की संदिग्ध हालात में निगले गए जहरीले पदार्थ के कारण सोमवार शाम शाह अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। समाचार लिखे जाने तक शाह अस्पताल में परिजनों व गांव के लोगों का तांता लगा हुआ था। लेकिन किसी आला अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। यहां पहुंचे दो पुलिस कर्मियों को लोगों ने दौड़ा लिया। पुलिसकर्मियों ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं एसपी ने कहा कि मृतक के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच डीएसपी गुहला को सौंप दी गई है।
गांव के मलिकपुर निवासी मृतक 32 वर्षीय जयपाल के भाई कुलदीप, चाचा रामकुमार ने बताया कि पुलिस करीब दो बजे जयपाल को गांव से लेने के लिए आई थी।
पुलिस ने बताया कि सीवन पुलिस थाने में उसके खिलाफ शिकायत आई है। लेकिन उन्हें यह नहीं बताया कि क्या शिकायत आई है। चार पुलिस कर्मचारी उसे हिरासत में लेकर चले गए और कहा कि गांव के चार-पांच गणमान्य व्यक्ति पुलिस थाने में आ जाएं। करीब बीस से पच्चीस मिनट बाद वे पीछे-पीछे गए। इसी बीच वही पुलिस टीम उन्हें गांव फिरोजपुर में मिली। पुलिस कर्मियों ने उन्हें जयपाल को संभलवाते हुए कहा कि इसे ले जाओ, इसने जहर खा लिया है। वे उसे लेकर तुरंत सीवन के अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए कैथल रेफर कर दिया। वे करीब साढ़े तीन बजे उसे लेकर कैथल के शाह अस्पताल आए। यहां लगभग आठ बजे उसने अंतिम सांस ली। परिजनों ने कहा कि वे चार बजे से लेकर उसकी मौत तक पुलिसकर्मियों व अधिकारियों से मांग करते रहे कि उसका बयान दर्ज किया जाए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट को बुला लिया जाए। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की और उसने तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
पुलिसकर्मियों को दौड़ाया
उधर, गांववासी अस्पताल में जानकारी लेने पहुंचे दो पुलिसकर्मियों के पीछे दौड़ पड़े। इन पुलिस कर्मियों ने भाग कर अपना पीछा छुड़ाया। समाचार लिखे जाने तक गांव के लोगों की अस्पताल के बाहर भीड़ उमड़ी हुई थी। पुलिस का आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे।
इस व्यक्ति के खिलाफ गांव की ही एक बारहवीं कक्षा की छात्रा के बैग में मोबाइल डालकर छेड़छाड़ की शिकायत परिजनों ने सीवन पुलिस थाने में दी थी। जिसमें उसके खिलाफ सोमवार को ही केस दर्ज किया गया है। जैसे ही उसे पता चला कि उसे पुलिस गिरफ्तार करने के लिए आ रही है। उसने घर में ही जहर खा लिया। पुलिस कर्मचारी जब उसे लेकर गए तो उसकी हालत बिगड़ गई। जिस बारे में परिजनों को सूचित किया गया। इसके बावजूद भी यदि किसी पुलिस कर्मचारी का जहर खिलाने या देने में हाथ पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुहला पुलिस उपाधीक्षक को मामले की जांच सौंप दी गई है।
सुमेर प्रताप सिंह, एसपी