जमाबंदी को लेकर बुजुर्ग हरिकिशन की शिकायत पर यदि एक सप्ताह में नियमानुसार कार्रवाई नहीं हुई तो आपको चार्जशीट कर दिया जाएगा। डीसी निखिल गजराज ने मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांव बात्ता के बुजुर्ग चुड़िया राम की शिकायत पर सुनवाई करते हुए यह चेतावनी दी। बैठक में कई गंभीर शिकायतों पर सुनवाई हुई। वहीं मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह ने कई मामलों में अधिकारियों के रवैये पर असंतुष्टि जताते हुए इसमें सुधार के निर्देश दिए। वे बैठक में कई छोटी समस्याओं के रखने पर खिन्न नजर आए तथा अधिकारियों को इसमें सुधार के निर्देश दिए।
मैं तीन माह से भटक रहा हूं, नहीं हो रही सुनवाई
बैठक में शिकायत लेकर पहुंचे जनकपुरी कालोनी निवासी हरिकिशन ने कहा कि उनके परिवार पर तेजाब फेंका गया था। पुलिस ने केस ऐसे बनाया कि तेजाब डंडा लगने से बोतल के टूटने से गिरा है। जब उनकी दुकान में एसिड है ही नहीं तो बोतल के टूटने का मामला कैसे बन गया। उसकी गर्भवती पुत्रवधू एवं बेटे पर तेजाब से हमला करने में 15 से 20 युवक शामिल थे। परिवार को बार-बार धमकियां दी जा रही हैं। एसपी कृष्ण मुरारी ने शिकायत का जवाब देते हुए कहा कि पुलिस ने जांच के बाद चालान पेश कर कोर्ट में पेश कर दिया है। इस पर भी हरिकिशन संतुष्ट नजर नहीं आए और यह कहकर बैठक से निकल गए कि जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी सुनवाई नहीं हो रही। बाद में मुख्य संसदीय सचिव ने जिला कष्ट निवारण समिति के दो गैर सरकारी सदस्यों राव सुरेंद्र सिंह तथा संजय भारद्वाज को इस मामले की जांच करने को कहा।
सरपंच के खिलाफ नहीं हो रही कार्रवाई
बैठक में गांव ककहेड़ी में पिछले सरपंच पर आरोप लगाया गया कि यहां एचआरडीएफ योजना के तहत करीब 15 लाख रुपये की राशि खर्च करने में अनियमितताएं बरती गई हैं। जिस पर डीसी ने बीडीपीओ से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बालू में नहीं हो रहा शराब का ठेका बंद
गांव बालू के एक युवक ने शिकायत दी कि वह दिसंबर 2013 से गांव में शराब के ठेके को बंद करवाने के लिए भटक रहे हैं। लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने एक सप्ताह में एक्साइज विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी प्रकार से गांव मंझहेड़ी रोड पर शराब के ठेके कारण छात्राओं की परेशानी की शिकायत दी गई। जिस पर नियमों को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
100 साल से हमारे नाम जमाबंदी तो अब कैसे बदल गई?
बात्ता के चुड़िया राम ने कहा कि जमाबंदी 100 साल से उनके परिवार के नाम है। 9 कनाल 12 मरले जमीन की जमाबंदी 2 साल पहले न जाने कैसे बदल गई? इस मामले में 7000 रुपये की रिश्वत राशि भी दी गई। लेकिन जमाबंदी फिर भी नहीं बदली। इस शिकायत पर डीसी ने पटवारी को निर्देश देते हुए कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अन्यथा चार्जशीट भी किया जा सकता है।
मेरा मकान गिरने को है साहब...
बैठक में कैथल के तिवारी मोहल्ला निवासी रामकुमार ने कहा कि सीवरेज लीकेज के कारण उसका मकान गिरने को है। कोई सुनवाई नहीं हो रही। डीसी ने नपा ईओ से कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह से बैठक में 16 शिकायतें रखी गईं। जिसमें मुख्य संसदीय सचिव ने आवश्यक निर्देश जारी किए।
अधिकारियों के रवैये से असंतुष्ट हूं, ठीक काम करें : बख्शीश सिंह
मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह ने कहा कि छोटी-मोटी समस्याओं को जिला कष्ट निवारण समिति तक लाने की जरूरत नहीं है। गांव में शिक्षित पंच-सरपंच हैं। उन पर विश्वास करें। जो बड़ी समस्या है, वे ही समस्या जिला कष्ट निवारण समिति में लेकर आएं ताकि आम जनता को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
डीसी ने किया स्वागत
डीसी निखिल गजराज ने बख्शीश सिंह विर्क का प्रथम बार बैठक में आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आम जन की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सर्व प्रथम अधिकारी शिकायत को समझे तथा यथा संभव उस शिकायत का निपटारा किया जाए।
ये रहे मौजूद
बैठक में एसपी कृष्ण मुरारी, एसडीएम मनदीप कौर, कलायत एसडीएम बीर सिंह, सीटीएम नवीन कुमार आहुजा, भाजपा के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना, राव सुरेंद्र सिंह, रवि भूषण गर्ग, श्याम सुंदर बंसल, संजय भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी तथा जिला कष्ट निवारण समिति के मनोनित सदस्य मौजूद रहे।