संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम की ओर से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कानूनगो व दलाल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। दोनों आरोपियों को व्यापक पूछताछ के लिए एसीबी ने दो दिन के रिमांड पर लिया है।
गौरतलब है कि रविवार को भूमि अधिग्रहण विभाग पंचकूला के कानूनगो व एक दलाल को जमीन की निशानदेही देने के लिए पांच लाख की रिश्वत लेने के आरोप में काबू किया था। टीम ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इस संबंध में राजकुमार ने विजिलेंस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने सेक्टर 18 में जमीन खरीदने का इकरार नामा किया हुआ है।
उसके पास मालिक की ओर से दी गई पावर ऑफ अटॉर्नी भी है। उसने जमीन की निशानदेही के लिए पंचकूला के भूमि अधिग्रहण विभाग के कानूनगो कर्मवीर से बातचीत की। शुरुआती दौर में आरोपी कानूनगो कर्मवीर ने इसके लिए शिकायतकर्ता से 30 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
इस पर उन्होंने 20 लाख रुपये की राशि दे दी। बाद में आरोपी ने निशानदेही के लिए पांच लाख रुपये की देने की मांग की। मंगलवार को आरोपी कानूनगो कर्मवीर व दलाल चरण सिंह ने भूमि की निशानदेही करने के बाद दस्तावेजों से पूर्व पांच लाख की राशि देने के बारे कहा।
एसीबी कैथल के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी को रंगेहाथों काबू करने के लिए किसान एवं कल्याण विभाग के उप निदेशक डा. बाबू लाल को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए टीम का गठन किया। गत मंगलवार को टीम ने पूर्व सुनियोेजित तरीके के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कैथल कार्यालय के बाहर मंगलवार सायं करीब 7 बजे आरोपी कानूनगो कर्मवीर तथा दलाल चरण सिंह को पांच लाख की राशि दी तो इशारा मिलते ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया था।
एसीबी कैथल के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि दोनों ही आरोपियों का कोर्ट ने एसीबी को दो दिन का रिमांड दिया है। बैंक खातों की भी जांच की जाएगी।